भोपाल के ऐशबाग क्षेत्र में बुजुर्ग दंपती की हत्या का मामला पुलिस के लिए अब एक बड़ी चुनौती बन गया है। घटना के कई घंटे गुजरने के बाद भी जांच एजेंसियों को कोई स्पष्ट सुराग नहीं मिला है। हालांकि जांच के दौरान कुछ ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जिन्होंने पूरे मामले को नई दिशा दे दी है। पुलिस को शक है कि घटना के बाद गायब हुए मोबाइल फोन इस ब्लाइंड मर्डर केस की सबसे अहम कड़ी साबित हो सकते हैं।
चार गोलियों से की गई थी वारदात
जांच में सामने आया है कि हमलावर ने दंपती पर बेहद करीब से फायरिंग की थी। शुरुआती जांच के मुताबिक पहले पुरुष सदस्य को निशाना बनाया गया और उसके बाद महिला पर हमला किया गया। वारदात बेहद सुनियोजित तरीके से अंजाम दी गई प्रतीत होती है। पुलिस को घटनास्थल से गोली से जुड़े अहम सबूत भी मिले हैं।
वारदात के बाद मोबाइल लेकर निकला आरोपी
पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है कि घर में रखे अन्य सामान सुरक्षित मिले, लेकिन दोनों मोबाइल फोन गायब थे। इससे आशंका मजबूत हुई है कि आरोपी किसी विशेष उद्देश्य से मोबाइल अपने साथ ले गया। जांच अधिकारी मान रहे हैं कि कॉल रिकॉर्ड और फोन गतिविधियां पूरे मामले का रहस्य खोल सकती हैं।
घर से मिले कई पुराने और खराब फोन
छानबीन के दौरान घर से कई पुराने और खराब मोबाइल फोन भी बरामद हुए हैं। परिवार से मिली जानकारी के अनुसार मृतक अक्सर मोबाइल और नंबर बदलते रहते थे। अब पुलिस इन डिवाइसों की भी तकनीकी जांच कर रही है ताकि पुराने संपर्कों और बातचीत के पैटर्न को समझा जा सके।
कई एंगल पर एक साथ चल रही जांच
मामले की जांच संपत्ति विवाद, व्यक्तिगत संबंधों, पुरानी रंजिश और अन्य संभावित कारणों को ध्यान में रखकर की जा रही है। जांच टीम हर पहलू पर जानकारी जुटाने में लगी है ताकि कोई भी महत्वपूर्ण बिंदु छूट न जाए।
सीसीटीवी नहीं होने से बढ़ी चुनौती
घटनास्थल और आसपास के क्षेत्र में कैमरों की कमी जांच एजेंसियों के लिए परेशानी बन रही है। आसपास लगे कुछ कैमरों की फुटेज स्पष्ट नहीं होने से पुलिस को तकनीकी जांच और अन्य सबूतों पर अधिक निर्भर रहना पड़ रहा है।