भोपाल के चर्चित ऐशबाग डबल मर्डर केस में पुलिस जांच के दौरान कई अहम तथ्य सामने आए हैं। बुजुर्ग दंपती की हत्या के आरोप में गिरफ्तार दोनों भाइयों से पूछताछ में हत्या की साजिश, हथियार की खरीद और वारदात के बाद सबूत मिटाने की कोशिशों से जुड़े कई पहलुओं का खुलासा हुआ है। पुलिस ने आरोपियों को रिमांड पर लेकर जांच तेज कर दी है और मामले से जुड़े हर पहलू की पड़ताल जारी है।
हत्या में इस्तेमाल हथियार की तलाश में मिली अहम सफलता
पुलिस रिमांड के पहले ही दिन आरोपियों से पूछताछ के दौरान हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियार से जुड़ा महत्वपूर्ण सुराग मिला। जांच टीम ने बड़े तालाब से पिस्टल बरामद की है। हालांकि, अधिकारियों ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि बरामद हथियार एक है या दोनों आरोपियों द्वारा इस्तेमाल किए गए दोनों हथियार मिले हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपी लगातार पूछताछ के दौरान भ्रामक जानकारी देने की कोशिश कर रहे हैं, इसलिए हर बयान का तकनीकी और अन्य साक्ष्यों से मिलान किया जा रहा है।
मकान हड़पने की साजिश, पहले पति फिर पत्नी को मारी गोली
जांच के अनुसार दोनों आरोपी पिछले करीब दो वर्षों से बुजुर्ग दंपती के संपर्क में थे। आरोप है कि उन्होंने संपत्ति अपने नाम कराने के उद्देश्य से पहले फर्जी दान पत्र तैयार कराया और धोखे से दंपती के हस्ताक्षर भी करवा लिए। बाद में जब दंपती ने मकान बेचने का निर्णय लिया तो आरोपियों को अपनी योजना विफल होती दिखाई दी। इसके बाद कथित रूप से शाजापुर क्षेत्र से अवैध पिस्टल खरीदी गई और योजना बनाकर पहले बुजुर्ग पति तथा फिर उनकी पत्नी को गोली मारकर हत्या कर दी गई।
अंतिम संस्कार में भी रहा मौजूद
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि वारदात के दौरान आरोपी रेनकोट पहनकर पहुंचे थे, ताकि पहचान छिपाई जा सके। हत्या के बाद उन्होंने हथियार को ठिकाने लगाने का प्रयास किया। इतना ही नहीं, मुख्य आरोपी ने खुद को संदेह से दूर रखने के लिए पोस्टमार्टम से लेकर अंतिम संस्कार तक में परिजनों के साथ मौजूद रहकर शोक भी जताया। पुलिस के अनुसार शुरुआती दौर से ही उस पर संदेह था, लेकिन पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद ही गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई।
1500 सीसीटीवी फुटेज और 100 से अधिक लोगों से पूछताछ के बाद मिली सफलता
मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने करीब 1500 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का विश्लेषण किया और 100 से अधिक लोगों से पूछताछ की। इसके बाद प्रॉपर्टी ब्रोकर श्रीकांत और उसके भाई शशिकांत को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल कार भी जब्त कर ली है। मुख्य आरोपी के खिलाफ पहले से लूट, मारपीट और धोखाधड़ी सहित कई आपराधिक मामले दर्ज बताए गए हैं।
परिजनों से भी पूछताछ, जांच अभी जारी
पुलिस का कहना है कि मामले के हर पहलू की निष्पक्ष जांच की जा रही है। मृतक दंपती के परिजनों से भी लगातार पूछताछ की जा रही है और उनकी भूमिका से जुड़े तथ्यों का भी परीक्षण किया जा रहा है। फिलहाल दोनों आरोपी पुलिस रिमांड पर हैं और जांच एजेंसियां हत्या की पूरी साजिश, हथियार की खरीद, संपत्ति से जुड़े दस्तावेज और अन्य संभावित कड़ियों की विस्तार से पड़ताल कर रही हैं।