भोपाल के कोलार इलाके में रहने वाली इंजीनियर युवती की मंगलवार रात दुखद सुसाइड की घटना सामने आई। युवती बीते कुछ महीनों से मानसिक परेशानी से जूझ रही थी और उसका इलाज चल रहा था। परिजनों ने बताया कि वह अक्सर बहकी-बहकी बातें करती थी और कहती थी कि उसके सपनों में राम-सीता और हनुमानजी आते हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
युवती की पहचान और पारिवारिक पृष्ठभूमि
युवती की पहचान कीर्ति द्विवेदी के रूप में हुई है। कीर्ति अपने माता-पिता के साथ कोलार में रहती थी। उनके पिता वल्लभ भवन में स्वास्थ्य विभाग में पदस्थ हैं। घर में कीर्ति के भाई और माता भी रहती हैं। बड़ी बहन इंदौर में नौकरी करती है। घटना के समय कीर्ति अपने कमरे में थी और कमरा अंदर से लॉक था।
नौकरी और वर्क फ्रॉम होम की स्थिति
कीर्ति बीटेक करने के बाद इंदौर की एक कंपनी में जॉब कर रही थी।कंपनी की पॉलिसी के अनुसार वह 20 दिन इंदौर और 20 दिन भोपाल में रहकर वर्क फ्रॉम होम करती थी। परिजनों ने बताया कि वह अपने काम के दौरान भी मानसिक परेशानी से जूझ रही थी।
मानसिक स्थिति और बहकी-बहकी बातें
परिजनों के अनुसार, कीर्ति मार्च महीने से मानसिक रूप से असंतुलित थी। वह अक्सर कहती थी कि उसे देवी-देवता दिखते हैं और वे उसे बुला रहे हैं। वह राम-सीता और हनुमान के पास जाना चाहती थी। परिजन उसका इलाज भी करा रहे थे, लेकिन मानसिक स्थिति लगातार बिगड़ती गई।
घटना का विवरण और पुलिस कार्रवाई
मंगलवार रात को कीर्ति के कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। आवाजें देने के बाद भी दरवाजा नहीं खुला तो परिजनों ने दरवाजा तोड़कर देखा। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में युवती के मानसिक बीमार होने की पुष्टि हुई है।