भोपाल – मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में सोमवार को ऐसा प्रशासनिक ड्रामा हुआ, जिसकी गूंज सीधा दुबई में मौजूद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव तक पहुंच गई। पर्यावरण परिसर स्थित स्टेट एन्वायरनमेंट इम्पैक्ट असेसमेंट अथॉरिटी (सिया) के कार्यालय में सिया
अध्यक्ष शिवनारायण सिंह चौहान को जब ताला लगा मिला, तो पूरे प्रदेश में हलचल मच गई। अधिकारियों के बीच विवाद, भ्रष्टाचार के आरोप और चैंबर सील करने की कार्रवाई ने पूरे घटनाक्रम को और अधिक गंभीर बना दिया।
सिया दफ्तर पर ताला, अध्यक्ष को नहीं मिला प्रवेश
शिवनारायण सिंह चौहान सोमवार सुबह जैसे ही अपने दफ्तर पहुंचे, तो सिया कार्यालय का मुख्य चैंबर बंद मिला। उन्होंने तत्काल ताला खोलने के निर्देश दिए, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों ने इंकार कर दिया। इसके बाद अध्यक्ष वापस लौट गए और प्रमुख सचिव पर्यावरण नवनीत मोहन कोठारी पर भ्रष्टाचार को उजागर करने के चलते दफ्तर सील कराने का आरोप लगाया।
दुबई
में मौजूद सीएम तक पहुंचा
मामला
सिया अध्यक्ष ने इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से की, जिसके बाद यह मामला मुख्यमंत्री तक पहुंचा, जो उस समय दुबई में थे। सूत्रों के मुताबिक, सीएम ने विवाद को गंभीरता से लेते हुए पहले ताला खुलवाने और फिर जांच के निर्देश दिए। अपराह्न 3:30 बजे सिया कार्यालय का ताला खुलवाया गया।
प्रमुख
सचिव ने दी तकनीकी
गड़बड़ी की सफाई
प्रमुख सचिव कोठारी ने सफाई में कहा कि एप्को परिसर में बिजली की समस्या के कारण चैंबर बंद कराया गया था, ताकि कोई दुर्घटना न हो। उन्होंने कहा कि यदि बिना अनुमति चैंबर खुलवाया गया, तो इसके लिए अध्यक्ष खुद जिम्मेदार होंगे।
बैठकों में टालमटोल और बायपास कर दी गई अनुमति
सिया अध्यक्ष का आरोप है कि 7 मई के बाद से पर्यावरणीय मंजूरी को लेकर कोई बैठक नहीं हुई है। बार-बार पत्र लिखने के बाद भी सचिव ने तारीख तय नहीं की। इतना ही नहीं, सचिव ने सिया को बायपास करते हुए 237 मामलों में डीम्ड परमिशन दी, जो नियम विरुद्ध है। उन्होंने कहा कि मंत्रालय में इसकी शिकायत की जा चुकी है और संबंधित अधिकारियों पर एफआईआर की मांग की गई है।
खनिज
माफिया से मिलीभगत के
आरोप
चौहान ने सिया की सचिव उमा माहेश्वरी और प्रमुख सचिव को खनिज माफिया से मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा कि जानबूझकर बैठकें नहीं होने दी जा रहीं ताकि माफियाओं को फायदा पहुंचाया जा सके।