भोपाल में सामने आए हनीट्रैप और उगाही के मामले में जांच के दौरान बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस को मिले सबूतों से संकेत मिले हैं कि गिरोह के मुख्य आरोपी की मंगेतर भी इस पूरे नेटवर्क से जुड़ी हो सकती है। जांच में पता चला है कि उगाही की रकम उसके बैंक खाते में ट्रांसफर की गई थी। अब पुलिस उसके वित्तीय लेनदेन और गैंग से संभावित संबंधों की गहराई से पड़ताल कर रही है।
उगाही की रकम मंगेतर के खाते में पहुंची
जांच के दौरान पुलिस को ऐसे बैंक रिकॉर्ड मिले हैं, जिनसे पता चला कि पीड़ित से ली गई रकम आरोपी की मंगेतर के खाते में ट्रांसफर की गई थी। यह लेनदेन डिजिटल माध्यम से किया गया था। इसी के आधार पर पुलिस ने उसे भी जांच के दायरे में लिया है और उसके खाते से जुड़े सभी वित्तीय रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं।
क्या गैंग की गतिविधियों की थी जानकारी?
पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी की मंगेतर को इस पूरे रैकेट की जानकारी पहले से थी या नहीं। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि कहीं वह गिरोह की गतिविधियों में सक्रिय भूमिका तो नहीं निभा रही थी। अधिकारियों के अनुसार, यह भी संभावना है कि वह गैंग से जुड़ी युवतियों के संचालन में किसी स्तर पर शामिल रही हो।
लंबे समय से चल रहा था हनीट्रैप का खेल
जांच एजेंसियों के मुताबिक यह गिरोह काफी समय से संगठित तरीके से हनीट्रैप और उगाही का नेटवर्क चला रहा था। गिरोह के सदस्य शहर के विभिन्न इलाकों में व्यापारियों और कारोबारी लोगों को निशाना बनाते थे। कई पीड़ित बदनामी के डर से शिकायत दर्ज कराने से बचते रहे, जिससे गिरोह लंबे समय तक सक्रिय बना रहा।
टैटू से होती थी गैंग की पहचान
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह के कई सदस्यों ने अपने गले पर एक खास शब्द का टैटू बनवा रखा था, जिससे उनकी पहचान होती थी। इसी पहचान के कारण जांच एजेंसियों को गैंग के नेटवर्क तक पहुंचने में मदद मिली है। फिलहाल पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में अलग-अलग टीमें बनाकर कार्रवाई कर रही है।
गिरफ्तारी के बाद कमिश्नर कार्यालय पहुंची थी मंगेतर
मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद उसकी मंगेतर अपने परिजनों के साथ पुलिस अधिकारियों से मिलने भी पहुंची थी। उस समय उसने शादी से जुड़ी मांग भी रखी थी। हालांकि अब नए सबूत सामने आने के बाद जांच का दायरा और बढ़ गया है और पुलिस पूरे मामले की गहराई से पड़ताल कर रही है।