भोपाल में साइबर ठगों ने शेयर मार्केट और आईपीओ में निवेश पर भारी मुनाफा दिलाने का लालच देकर एक बुजुर्ग को 1 करोड़ 6 लाख 60 हजार रुपए से अधिक की चपत लगा दी। जालसाजों ने फर्जी ट्रेडिंग ऐप, व्हाट्सएप ग्रुप और 100 से ज्यादा मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल कर विश्वास हासिल किया। जब पीड़ित ने अपनी रकम निकालने की कोशिश की तो ठगी का खुलासा हुआ। मामले की जांच साइबर क्राइम पुलिस कर रही है।
व्हाट्सएप ग्रुप से शुरू हुआ ठगी का खेल
भोपाल के बरखेड़ी सूरजनगर निवासी 60 वर्षीय लाखन लाल उईके को अप्रैल 2025 में एक अज्ञात नंबर से संदेश मिला। संदेश भेजने वाली महिला ने खुद को एक निवेश कंपनी की सहायक बताया और उन्हें एक व्हाट्सएप ग्रुप से जोड़ दिया। ग्रुप में शेयर बाजार और आईपीओ निवेश के जरिए कम समय में बड़ा मुनाफा कमाने के दावे किए जाते थे। कई दिनों तक ग्रुप की गतिविधियां देखने के बाद बुजुर्ग ने निवेश करने का फैसला किया।
पहले दिखाया मुनाफा, फिर बढ़ता गया निवेश
शुरुआत में लाखन लाल ने एक लाख रुपए निवेश किए। कुछ ही दिनों में ट्रेडिंग ऐप पर निवेश राशि और कथित लाभ बढ़ता हुआ दिखाई देने लगा। इससे उनका भरोसा मजबूत हो गया। इसके बाद जालसाजों ने सस्ते दाम पर बड़े शेयर, प्री-लिस्टिंग आईपीओ और मल्टीनेशनल कंपनियों के विशेष शेयर आवंटन का झांसा देकर लगातार बड़ी रकम निवेश करवाई। अलग-अलग योजनाओं के नाम पर लाखों रुपए जमा कराए गए।
फर्जी ऐप और बैंक खातों के जरिए रची गई साजिश
आरोपियों ने एक लिंक भेजकर पीड़ित से फर्जी ट्रेडिंग ऐप डाउनलोड कराया और उसमें लॉगिन आईडी तैयार करवाई। ऐप में लगातार बढ़ता हुआ मुनाफा दिखाया जाता रहा। इस दौरान अलग-अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर कराई गई। जांच में सामने आया है कि ठगी के लिए कई बैंक खातों और बड़ी संख्या में मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल किया गया, जिससे पूरे नेटवर्क को संचालित किया जा रहा था।
रकम निकालने की कोशिश में खुला राज
जब पीड़ित ने निवेश की गई राशि और मुनाफा निकालने का प्रयास किया तो उनसे और पैसे जमा करने की मांग की गई। जालसाजों ने दावा किया कि अतिरिक्त भुगतान किए बिना पहले से जमा राशि भी वापस नहीं मिल सकेगी। इस पर उन्हें संदेह हुआ और उन्होंने ग्रुप संचालकों व अन्य सदस्यों से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया। इसके बाद उन्हें अपने साथ हुई ठगी का एहसास हुआ।
,साइबर पुलिस कर रही नेटवर्क की जांच
शिकायत मिलने के बाद साइबर क्राइम पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच एजेंसियां मोबाइल नंबरों, बैंक खातों और फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के जरिए ठगी करने वाले गिरोह तक पहुंचने का प्रयास कर रही हैं। पुलिस का कहना है कि निवेश के नाम पर मिलने वाले ऐसे लालच से लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।