भोपाल. राजधानी भोपाल में गुरुवार (21 अगस्त) को जिला प्रशासन, नगर निगम और पुलिस की संयुक्त टीम ने कुख्यात ‘मछली परिवार’ के घर पर बुलडोजर चला दिया। आरोप है कि यह परिवार लंबे समय से ड्रग सप्लाई और ब्लैकमेलिंग के अवैध धंधे में लिप्त था। प्रशासन ने घर को ध्वस्त करने से पहले नोटिस जारी किया था और परिजन पहले ही घर खाली कर चुके थे। भारी सुरक्षा इंतज़ाम के बीच की गई इस कार्रवाई ने अपराध जगत और आम लोगों के बीच बड़ी चर्चा छेड़ दी है।
क्यों हुई कार्रवाई?
‘मछली परिवार’ का नाम लंबे समय से पुलिस की रडार पर था। परिवार पर ड्रग सप्लाई के गंभीर आरोप लगे हैं। इसके अलावा TIT कॉलेज की छात्राओं के अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने में भी इनके तार जुड़े बताए गए। पहले भी इस परिवार के ठिकानों पर बुलडोजर चल चुका है, लेकिन इस बार मुख्य मकान को जमींदोज कर दिया गया।
प्रशासन का सख्त संदेश
अधिकारियों ने कहा कि यह कदम अवैध कमाई और अपराध पर रोक लगाने के लिए जरूरी था। प्रशासन का कहना है कि ऐसे परिवार युवाओं को नशे के जाल में फंसाकर अपराध को बढ़ावा देते हैं। बुलडोजर कार्रवाई अपराधियों के खिलाफ एक कड़ा संदेश है कि गैरकानूनी गतिविधियों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मौके का हाल
कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर जुट गए। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल की भारी तैनाती की गई थी। अधिकारियों ने दोहराया कि यह कार्रवाई पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत हुई और इससे पहले परिवार को समय देकर नोटिस दिया गया था।
अपराध और बुलडोजर नीति
मध्य प्रदेश में हाल के वर्षों में अपराधियों की अवैध संपत्तियों पर बुलडोजर चलाकर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। यह कार्रवाई उसी नीति का हिस्सा है, जिसके जरिए अपराधियों के हौसले पस्त करने का प्रयास किया जा रहा है।