BHOPAL MASTER PLAN 2047: भोपाल के भविष्य की तस्वीर अब सामने आने लगी है। लंबे इंतजार के बाद भोपाल विकास योजना-2047 का ड्राफ्ट तैयार किया गया है। प्रस्तावित योजना में शहर के विस्तार के साथ पर्यावरण संरक्षण, बेहतर कनेक्टिविटी, रोजगार, आवास और आर्थिक गतिविधियों को नए तरीके से व्यवस्थित करने का खाका तैयार किया गया है। ड्राफ्ट में करीब 1,016.90 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र और 254 गांवों को शामिल किया गया है। हालांकि ये सभी प्रावधान अभी प्रस्तावित हैं और अंतिम योजना प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही तय होगी।
21 साल बाद नए भोपाल का खाका
भोपाल का मौजूदा विकास ढांचा लंबे समय से पुराने मास्टर प्लान पर आधारित रहा है। अब 2047 की जरूरतों को ध्यान में रखकर नया ड्राफ्ट तैयार किया गया है। योजना में करीब 45 लाख की अनुमानित आबादी को ध्यान में रखते हुए शहर के विस्तार और भविष्य की बुनियादी जरूरतों के लिए प्रावधान किए गए हैं। ड्राफ्ट को सार्वजनिक कर नागरिकों से दावे और आपत्तियां भी आमंत्रित की जाएंगी।
51 किलोमीटर का Growth Corridor बदलेगा शहर की रफ्तार
ड्राफ्ट की बड़ी खासियत 51 किलोमीटर लंबे Growth Corridor का प्रस्ताव है। इसके जरिए एयरपोर्ट, EKAI City, लॉजिस्टिक और थोक व्यापार क्षेत्र, उपनगरों तथा दूसरे महत्वपूर्ण इलाकों को बेहतर तरीके से जोड़ने की योजना है। इस कॉरिडोर में होटल, हॉस्पिटैलिटी, हेल्थ सर्विस, IT, AI, डेटा सेंटर, एजुकेशन हब, मॉल, कॉरपोरेट ऑफिस और हाउसिंग जैसी गतिविधियों को मिश्रित उपयोग के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव है।
घर और दुकान साथ-साथ, लेकिन सड़क के हिसाब से नियम
मास्टर प्लान में Mixed Land Use को भी अहम जगह दी गई है। इसका उद्देश्य आवास और रोजगार गतिविधियों के बीच बेहतर तालमेल बनाना और शहर की मोबिलिटी को सार्वजनिक परिवहन से जोड़ना है। हालांकि अलग-अलग सड़कों की चौड़ाई और क्षेत्र के आधार पर व्यावसायिक गतिविधियों के नियम तय किए जाने का प्रस्ताव है। रहवासी इलाकों में कारोबार को लेकर यही प्रावधान आने वाले समय में महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
16% से 27% होगी हरियाली, गोल्फ कोर्स का भी प्रस्ताव
भोपाल की पहचान उसकी झीलों, पहाड़ियों और हरियाली से है। इसी को ध्यान में रखते हुए ड्राफ्ट में हरित क्षेत्र को मौजूदा करीब 16 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत करने का प्रस्ताव है। भोजताल और उसके जलग्रहण क्षेत्र, वन क्षेत्र, पहाड़ियों, तालाबों और जलाशयों के संरक्षण पर जोर दिया गया है। भानपुर खंती के पुनर्विकास के लिए गोल्फ कोर्स का प्रस्ताव भी रखा गया है।
EKAI City से Digital Twin तक
भौंरी क्षेत्र में Education Knowledge Artificial Intelligence यानी EKAI City विकसित करने की परिकल्पना की गई है। इसके साथ शहर की निगरानी और नियोजन को तकनीक से जोड़ने के लिए Digital Twin City का प्रस्ताव है। पार्किंग व्यवस्था, मल्टीलेवल पार्किंग, सार्वजनिक जगहों पर CCTV नेटवर्किंग और सुरक्षित यातायात जैसे प्रावधान भी ड्राफ्ट में शामिल किए गए हैं।
अब जनता दे सकेगी अपनी राय
ड्राफ्ट प्रकाशित होने के बाद नागरिकों को उस पर दावे और आपत्तियां दर्ज कराने का मौका मिलेगा। इसके बाद प्राप्त सुझावों और आपत्तियों के आधार पर आगे की प्रक्रिया होगी। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को ड्राफ्ट प्रकाशित कर दावे-आपत्तियां आमंत्रित करने की अनुमति दी है, जबकि अंतिम मास्टर प्लान से पहले कोर्ट के समक्ष इसकी जानकारी रखने की बात सामने आई है।