Bhopal Metro Deadline Extended: बहुप्रतीक्षित भोपाल मेट्रो प्रोजेक्ट की समय-सीमा एक बार फिर बढ़ा दी गई है। मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (MPMRCL) ने विधानसभा में बताया कि प्रोजेक्ट अब जून 2028 तक पूरा होगा। हालांकि, 7.5 किलोमीटर के प्रायोरिटी कॉरिडोर को अक्टूबर 2025 में शुरू करने की योजना है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। बढ़ती लागत और अधिग्रहण संबंधी अड़चनों के चलते यह निर्णय लिया गया है।
प्रायोरिटी कॉरिडोर पर तेज़ी से काम
सुभाष नगर से AIIMS तक के 7.5 किमी लंबे प्रायोरिटी कॉरिडोर पर निर्माण कार्य तेज़ गति से चल रहा है। हाल ही में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस रूट पर ट्रायल रन लेकर काम की समीक्षा की। इस कॉरिडोर पर 8 एलिवेटेड स्टेशन बनाए जा रहे हैं और इसकी अनुमानित लागत 2,225 करोड़ रुपये है।
पूरी लाइन 2028 तक होगी पूरी
MPMRCL के अनुसार, भोपाल मेट्रो की पूरी योजना अब जून 2028 तक पूरी होगी। इसमें दो प्रमुख लाइनें शामिल हैं –
ओरेंज लाइन: AIIMS से करोद (16.69 किमी, 16 स्टेशन)
ब्लू लाइन: भदभदा स्क्वायर से रतनगिरी तिराहा (14.16 किमी, 14 स्टेशन)
पहले यह प्रोजेक्ट नवंबर 2022 तक पूरा होना था, लेकिन अब इसमें लगभग 6 साल की देरी हो चुकी है।
लागत में बढ़ोतरी और ज़मीन अधिग्रहण
शुरुआती कुल लागत ₹6,941.40 करोड़ तय की गई थी। ओरेंज लाइन की अनुमानित लागत ₹4,406.57 करोड़ थी, लेकिन अब इसमें वृद्धि संभावित है। 3.2 हेक्टेयर निजी जमीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया भी जारी है। इससे प्रोजेक्ट की लागत में और इजाफा हो सकता है।
पर्यावरणीय दृष्टिकोण और आधुनिक सुविधाएं
मुख्यमंत्री ने बताया कि मेट्रो सेवा न केवल सुविधाजनक होगी, बल्कि भोपाल की वायु गुणवत्ता में सुधार और ट्रैफिक भार कम करने में भी मदद करेगी। सभी स्टेशनों पर लिफ्ट, एस्केलेटर और दिव्यांगजनों के लिए सुविधाएं होंगी। 27 ट्रेनों की योजना है, जिनमें से 7 ट्रेन सेट भोपाल आ चुके हैं।
चुनौतियां और समाधान की रणनीति
प्रोजेक्ट में देरी के पीछे प्रमुख वजह रही – जमीन अधिग्रहण में जटिलता और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय की कमी। अब दूसरे चरण के लिए MPMRCL ने एक नई रणनीति बनाई है, जिसमें निर्माण कार्य सभी आवश्यक मंजूरियों के साथ एक साथ शुरू किया जाएगा। इससे अगले 2 से 3 वर्षों में प्रोजेक्ट के बाकी हिस्सों को पूरा करने की उम्मीद है।