भोपाल मेट्रो को कमर्शियल रन के लिए आखिरकार सुरक्षा मंजूरी मिल गई है। कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेल सेफ्टी (CMRS) ने तीन चरणों में किए गए विस्तृत निरीक्षण के बाद प्रायोरिटी कॉरिडोर पर संचालन को ओके दे दिया है। इसके साथ ही राजधानी में दिसंबर महीने में ही मेट्रो यात्रियों के लिए शुरू होने की उम्मीद मजबूत हो गई है। माना जा रहा है कि उद्घाटन प्रधानमंत्री के हाथों कराया जा सकता है, जिसकी तारीख जल्द तय होगी।
CMRS की रिपोर्ट ने खोला मार्ग, अब तारीख का इंतजार
तीन दिनों तक चले तकनीकी मूल्यांकन, ट्रैक टेस्टिंग, ब्रेकिंग सिस्टम चेक और स्टेशन निरीक्षण के बाद सुरक्षा आयोग ने कमर्शियल रन के लिए अपनी मंजूरी जारी कर दी है। यह रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप दी गई है। अब अंतिम कदम के रूप में प्रधानमंत्री कार्यालय से उद्घाटन की तारीख तय की जाएगी। संभावना जताई जा रही है कि मध्य दिसंबर में ही पहला चरण यात्रियों के लिए खोला जा सकता है।
पहला सफर: सुभाष नगर से एम्स तक 6.22 किमी का प्रायोरिटी कॉरिडोर
एम्स से सुभाष नगर तक का 6.22 किलोमीटर लंबा प्रायोरिटी रूट पूरी तरह तैयार है। कुल 8 स्टेशनों में आवश्यक सुविधाएं, सुरक्षा प्रोटोकॉल और ट्रेन कंट्रोल सिस्टम को CMRS टीम ने संतोषजनक पाया। स्टेशन के कुछ बाहरी काम जारी जरूर हैं, लेकिन अधिकारियों के अनुसार ये कमर्शियल रन को प्रभावित नहीं करेंगे।
टिकटिंग रहेगा मैन्युअल, नई एजेंसी की नियुक्ति तक यही व्यवस्था
टिकटिंग सिस्टम के लिए ऑनलाइन मॉडल की तैयारी जारी है। पुराना ठेका रद्द होने के कारण शुरुआत में यात्रियों को मैन्युअल टिकट मिलेंगे। इंदौर में भी ऐसी ही व्यवस्था अपनाई जा रही है। नई टिकटिंग एजेंसी के चयन के बाद स्मार्ट कार्ड और डिजिटल पेमेंट सिस्टम जोड़े जाएंगे।
कब और कैसे हुई जांच?
CMRS की टीम ने डिपो, रोलिंग स्टॉक, ट्रैक लेवल, फायर सेफ्टी, सिग्नलिंग सिस्टम, लिफ्ट-एस्कलेटर और पब्लिक एड्रेस सिस्टम तक हर पहलू का प्रकाश में निरीक्षण किया। ट्रेन पर बैठकर ब्रेकिंग, स्पीड, टर्नआउट और कंट्रोल रूम मॉनिटरिंग का भी रियल-टाइम आकलन किया गया।
अगला चरण: करोंद और ब्ल्यू लाइन पर तेज़ी
पहले प्रायोरिटी कॉरिडोर के शुरू होते ही ध्यान सुभाष नगर से करोंद तक के अगले चरण पर शिफ्ट किया जाएगा। साथ ही दूसरे रूट यानी ब्ल्यू लाइन (भदभदा से रत्नागिरी) के कार्य को भी फास्ट ट्रैक पर लाया जाएगा।