भोपाल मेट्रो प्रोजेक्ट के सुभाष नगर से एम्स तक के प्रायोरिटी कॉरिडोर का सेफ्टी निरीक्षण पूरा हो गया है, लेकिन यात्रियों के लिए मेट्रो की शुरुआत अभी तय नहीं है। निरीक्षण के दौरान टिकटिंग सिस्टम, सुरक्षा उपकरण, स्टेशनों की फिनिशिंग और ट्रैक-अलाइनमेंट समेत कई अहम खामियां सामने आई हैं। कमिश्नर ने स्पष्ट कहा है कि सभी सुधार पूरे होने और ‘OK रिपोर्ट’ मिलने के बाद ही संचालन की मंजूरी दी जाएगी।
सुधार पूरे होंगे तभी मिलेगी हरी झंडी
सेफ्टी टीम ने मेट्रो कॉरिडोर के कई तकनीकी और सुरक्षा संबंधी बिंदुओं पर आपत्तियां दर्ज की हैं। अधिकारियों को एक सप्ताह की समयसीमा में सभी खामियां दूर कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
स्टेशनों की फिनिशिंग अधूरी, यात्रियों को खतरा
सुभाष नगर, केंद्रीय विद्यालय, रानी कमलापति और एम्स स्टेशनों पर फर्श, रोशनी, साइनेज और इंटीरियर वर्क अधूरे पाए गए। निर्देश दिए गए हैं कि सेवा शुरू होने से पहले हर स्टेशन पर फिनिशिंग कार्य युद्धस्तर पर पूरे किए जाएं।
एंट्री-एग्जिट और टिकटिंग सिस्टम में त्रुटियां
कई स्टेशनों पर एंट्री-एग्जिट पॉइंट अधूरे हैं और टिकट सिस्टम भी पूरी तरह तैयार नहीं है। सुरक्षा टीम का कहना है कि यात्रियों की आवाजाही सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए यह सबसे प्राथमिक सुधार है।
सुरक्षा-अलार्म और ट्रैक अलाइनमेंट में कमी
निरीक्षण में फायर अलार्म सिस्टम, टेलीकॉम और नियंत्रण कक्ष के बीच सिंक्रोनाइजेशन में खामियां मिलीं। वहीं कुछ स्थानों पर ओवरहेड वायर और ट्रैक की अलाइनमेंट में अत्यधिक सटीकता की आवश्यकता बताई गई है।
केंद्रीय विद्यालय स्टेशन के बाहर सड़क कार्य अधूरा
स्टेशन के बाहरी क्षेत्र में सड़क खुदाई और क्लियरेंस का काम जारी है, जिससे यात्री आवाजाही प्रभावित हो सकती है। निरीक्षक दल ने इसे तुरंत पूरा करने के निर्देश दिए हैं।