Bhopal Metro News: भोपाल और इंदौर मेट्रो प्रोजेक्ट से तुर्की की कंपनी की छुट्टी हो गई है। करोड़ों का टेंडर रद्द करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। वजह? ऑपरेशन सिंदूर के बाद तुर्की के पाकिस्तान को सपोर्ट पर उठा विवाद। भोपाल-इंदौर मेट्रो प्रोजेक्ट से तुर्की की कंपनी को बाहर कर दिया गया है। 186 करोड़ रुपये का टेंडर रद्द करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान को तुर्की के समर्थन और ड्रोन सप्लाई के खुलासे के बाद यह कदम उठाया गया। भोपाल में 45 गेट मंगवाए गए थे, जिन्हें इंस्टॉल करने से मना कर दिया गया है। नेताओं के विरोध के बाद केंद्र सरकार से भी ठेका रद्द करने के आदेश जारी हुए हैं।
ऑपरेशन सिंदूर के बाद बढ़ा विरोध
भोपाल-इंदौर मेट्रो प्रोजेक्ट में तुर्की की कंपनी को टिकटिंग और गेट इंस्टॉलेशन का काम मिला था। लेकिन ऑपरेशन सिंदूर के दौरान तुर्की के पाकिस्तान को ड्रोन सप्लाई करने और खुले समर्थन की खबर के बाद विरोध तेज हो गया।
186 करोड़ का कॉन्ट्रैक्ट रद्द
तुर्की की कंपनी को 186 करोड़ रुपये का काम दिया गया था।इसके तहत भोपाल में 199 और इंदौर मेट्रो में 227 ऑटोमैटिक गेट लगाने थे।भोपाल में 45 गेट मंगवाए भी जा चुके थे, लेकिन अब इन्हें इंस्टॉल करने से मना कर दिया गया है और वापसी की प्रक्रिया चल रही है।
नेताओं ने उठाया मुद्दा
सबसे पहले मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने तुर्की की कंपनी को ठेका देने पर सवाल खड़े किए।इसके बाद नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी विधानसभा में यह मामला उठाया और ठेका रद्द करने की मांग की। केंद्र सरकार से भी कंपनी का ठेका रद्द करने के आदेश आ चुके हैं।
भोपाल में मेट्रो, इंदौर में मैनुअल चेकिंग
भोपाल मेट्रो को अक्टूबर तक शुरू करने का टारगेट है। अगर तब तक नई कंपनी नहीं आती, तो मैनुअल टिकटिंग की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।इंदौर में तो फिलहाल मैनुअल चेकिंग शुरू हो चुकी है—टिकट एंट्री गेट पर दिखाओ, स्टाफ चेक करे और फिर आगे बढ़ो।
भोपाल-इंदौर मेट्रो के इस ‘तुर्की टर्न’ से यह साफ हो गया है कि अंतरराष्ट्रीय राजनीति का असर स्थानीय प्रोजेक्ट्स पर भी पड़ सकता है। अब देखना होगा कि नई कंपनी कितनी जल्दी जिम्मेदारी संभालती है और मेट्रो समय पर पटरी पर आती है या नहीं।