मध्य प्रदेश सरकार अब भोपाल और आसपास के पांच जिलों को मिलाकर एक बड़ा मेट्रोपॉलिटन रीजन (BMR) विकसित करने की तैयारी में है। इसके लिए 200 करोड़ रुपए का प्रारंभिक खाता खोला जाएगा। इस क्षेत्र में करीब 10 हजार करोड़ रुपए की परियोजनाएं प्रस्तावित हैं। बीएमआर का उद्देश्य भोपाल, सीहोर, रायसेन, विदिशा और राजगढ़ जिलों को एकीकृत रूप से विकसित करना है, ताकि क्षेत्रीय पब्लिक ट्रांसपोर्ट, सड़क, और इंफ्रास्ट्रक्चर को एक ही प्रणाली के तहत संचालित किया जा सके।
भोपाल मेट्रोपॉलिटन रीजन की प्लानिंग तेज
राज्य सरकार ने बीएमआर के गठन के लिए सितंबर 2025 तक नियम जारी कर दिए थे। अब इसके लिए बजट और डिटेल डेवलपमेंट प्लान तैयार किया जा रहा है। प्रारंभिक चरण में भोपाल विकास प्राधिकरण (BDA) एजेंसी चयन की प्रक्रिया में है, ताकि बीएमआर की रूपरेखा तय की जा सके। शासन स्तर से इस प्राधिकरण को तकनीकी और प्रशासनिक मार्गदर्शन भी दिया जा रहा है।
पांच जिलों का होगा समग्र विकास
बीएमआर के दायरे में भोपाल, राजगढ़, विदिशा, रायसेन और सीहोर जिले शामिल होंगे। इन सभी जिलों के मौजूदा मास्टर प्लान को मर्ज करके एक संयुक्त मेट्रोपॉलिटन प्लान बनाया जाएगा। इसका उद्देश्य शहरी और ग्रामीण इलाकों के बीच समान विकास सुनिश्चित करना है। पब्लिक यूटिलिटी, सड़क नेटवर्क, जल आपूर्ति, और कचरा प्रबंधन जैसे बुनियादी कार्य इस योजना के तहत किए जाएंगे।
एकीकृत पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम बनेगा
बीएमआर के गठन से पांचों जिलों में एकीकृत पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम विकसित किया जाएगा। इसमें सभी बस सेवाएं एक एजेंसी के अधीन लाई जाएंगी। भोपाल की मौजूदा बीसीएलएल (बस कंपनी) को भी इसी ढांचे में शामिल किया जा सकता है। इससे यात्रियों को एक समान किराया, बेहतर सेवा और सुगम यात्रा अनुभव मिलेगा।
नए प्रशासनिक ढांचे की तैयारी
इस मेट्रोपॉलिटन रीजन में भोपाल नगर निगम, जिला पंचायत और अन्य नगरीय निकायों को शामिल करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके तहत पार्षदों और जनप्रतिनिधियों की भूमिका का निर्धारण नए मॉडल में किया जाएगा।