भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में प्रशासनिक ढांचे का चेहरा बदलने जा रहा है। दिल्ली के सेंट्रल विस्टा की तर्ज पर अब अरेरा हिल्स में मंत्रालयों के नए भवन तैयार किए जाएंगे। इसके लिए सतपुड़ा और विंध्याचल भवनों को तोड़ा जाएगा। यह दोनों भवन प्रदेश के सबसे पुराने मंत्रालयिक भवन माने जाते हैं, जिनका इतिहास राजधानी बनने के समय से जुड़ा है। अब यहां बनने वाले आधुनिक टॉवरों को ‘मिनी सेंट्रल विस्टा’ नाम दिया गया है।
117 नए दफ्तरों का निर्माण
इस प्रोजेक्ट के तहत भोपाल में कुल 117 नए दफ्तर बनाए जाएंगे। इसके लिए 1,56,610 वर्ग मीटर बिल्ट-अप एरिया का आकलन किया गया है। निर्माण कार्य की जिम्मेदारी हाउसिंग बोर्ड को सौंपी गई है। हाल ही में साधिकार समिति की बैठक में इस महत्वाकांक्षी योजना को मंजूरी दी गई, जिसके बाद टेंडर प्रक्रिया भी शुरू हो गई है।
मंत्रालयों का शिफ्टिंग प्लान
सतपुड़ा और विंध्याचल भवन को तुरंत नहीं तोड़ा जाएगा। पहले वल्लभ भवन के आसपास नए मंत्रालयिक भवन तैयार होंगे और विभागों को वहां शिफ्ट किया जाएगा। इसके बाद इन पुराने भवनों को हटाकर आधुनिक टॉवरों का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए अरेरा हिल्स में बनी झुग्गियों को विस्थापित करने के निर्देश भी प्रशासन ने जारी कर दिए हैं।
विभागों से ली जा रही जानकारी
नए मंत्रालयिक भवनों के लिए विभागवार जगह तय की जा रही है। अब तक 24 विभाग अपनी आवश्यकताओं की जानकारी भेज चुके हैं। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा तीन चरणों में सभी विभागों से विवरण मांगा गया था। योजना है कि हर विभाग को पर्याप्त और सुव्यवस्थित जगह उपलब्ध कराई जाएगी।
इतिहास से जुड़ी इमारतें
सतपुड़ा और विंध्याचल भवनों का निर्माण उस दौर में हुआ था जब भोपाल को मध्य प्रदेश की राजधानी बनाया गया था। दशकों तक यहां से मंत्रालयों का संचालन होता रहा है। हालांकि, बीते वर्षों में इन भवनों में कई बार आगजनी जैसी घटनाएं सामने आईं, जिससे इन्हें लेकर सुरक्षा संबंधी चिंताएं बढ़ी थीं। अब आधुनिक टॉवर इनकी जगह लेंगे और राजधानी का प्रशासनिक नक्शा बदल जाएगा।