Bhopal Name Change: भोपाल में 'भोजपाल' की पहचान दिलाने की पहल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में नाम शुद्धिकरण अभियान ने जोर पकड़ लिया है। अब शहर की पहचान विदेशी आक्रांताओं और गुलामी से जुड़े नामों से नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और सभ्यता से जुड़ी पहचान से होगी। नगर निगम ने इस दिशा में पहला बड़ा कदम उठाते हुए अशोका गार्डन का नाम बदलकर ‘राम बाग’ कर दिया है। इसके साथ ही हमीदिया कॉलेज, हमीदिया अस्पताल और हबीबगंज क्षेत्र के नामों को बदलने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। शहर सरकार का दावा है कि यह अभियान भोपाल को उसके प्राचीन नाम ‘भोजपाल’ की पहचान दिलाने के लिए है।
अशोका गार्डन का नामकरण ‘राम बाग’
नगर निगम की मेयर इन काउंसिल (MIC) ने अशोका गार्डन के नाम परिवर्तन का प्रस्ताव पारित किया। निगम सभापति किशन सूर्यवंशी ने कहा कि गुलामी और विदेशी प्रभाव के प्रतीकों को हटाकर भारतीय मूल्यों को बढ़ावा देने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि यह केवल नाम बदलने का कार्य नहीं, बल्कि “संस्कृति शुद्धिकरण” है।
हमीदिया-हबीबगंज जैसे नामों पर भी उठे सवाल
सभापति ने दावा किया कि भोपाल के पूर्व नवाब हमीदुल्लाह खान पाकिस्तान के साथ विलय का पक्षधर था। ऐसे व्यक्तित्वों के नाम पर शहर की पहचान बने रहना उचित नहीं है। इसलिए हमीदिया कॉलेज, अस्पताल और हबीबगंज जैसे नामों को भी जल्द ही बदला जा सकता है। उन्होंने कहा कि इस विषय में शासन को पत्र लिखा गया है और कई क्षेत्रों की सूची तैयार कर ली गई है।
विपक्ष ने जताई आपत्ति, तो सभापति बोले- भ्रम की स्थिति है
नाम बदलने के इस अभियान पर विपक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया दी है, लेकिन नगर निगम का कहना है कि जो संस्कृति से जुड़ा है वही टिकेगा। सभापति का बयान था- “विपक्ष भ्रम और अशुद्धि में है, हम भोपाल को सांस्कृतिक गौरव की ओर ले जा रहे हैं।”