भोपाल में नवाबी संपत्तियों और कथित शत्रु संपत्ति को लेकर बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया गया है। शासन के निर्देश पर कलेक्टर स्तर पर गठित सात सदस्यीय समिति संपत्तियों के रिकॉर्ड की विस्तृत जांच करेगी। इस प्रक्रिया में अभिनेता सैफ अली खान सहित नवाब परिवार से जुड़े लोगों से दस्तावेज मांगे जाएंगे। आरोप है कि संपत्ति रिकॉर्ड में अनियमितताएं हुई हैं और अवैध लेन-देन किया गया।
10 हजार करोड़ की संपत्तियों पर चलेगी जांच
राजधानी भोपाल में करीब दस हजार करोड़ रुपए मूल्य की नवाबी और कथित शत्रु संपत्तियों को लेकर प्रशासन सतर्क हो गया है। शिकायतों में कहा गया है कि पाकिस्तान गए परिवार के सदस्यों के नाम दर्ज जमीनें शत्रु संपत्ति मानी जाती हैं, जिनके रिकॉर्ड में कथित रूप से बदलाव कर निजी घोषित किया गया। इसी आधार पर शासन ने विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर की सात सदस्यीय समिति गठित
19 जनवरी को कलेक्टर द्वारा गठित समिति में अपर कलेक्टर (दक्षिण) को अध्यक्ष बनाया गया है। इसके साथ ही शहर के विभिन्न क्षेत्रों के सभी एसडीएम और तहसीलदारों को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। यह समिति न केवल रिकॉर्ड की पड़ताल करेगी बल्कि नवाबी और शत्रु संपत्तियों से जुड़ी शिकायतों पर सुनवाई भी करेगी।
रिकॉर्ड में हेरफेर के गंभीर आरोप
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि राजस्व रिकॉर्ड और सरकारी दस्तावेजों में हेरफेर कर कीमती जमीनों को निजी संपत्ति के रूप में दर्ज किया गया। इसमें कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की मांग की गई है। प्रशासनिक स्तर पर इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी संबंधित फाइलें खंगाली जा रही हैं।
सीबीआई जांच और खरीद-बिक्री रोकने की मांग
मामले की व्यापकता को देखते हुए शिकायतकर्ताओं ने इसे केंद्रीय एजेंसी को सौंपने की मांग भी उठाई है। साथ ही जांच पूरी होने तक इन संपत्तियों की खरीद-बिक्री पर तत्काल रोक लगाने की अपील की गई है, ताकि किसी भी तरह का नया लेन-देन न हो सके।
1949 के मर्जर एग्रीमेंट पर भी सवाल
जांच के दौरान 1949 के ‘भोपाल मर्जर एग्रीमेंट’ की मूल प्रति को लेकर भी सवाल खड़े किए गए हैं। शिकायत में कहा गया है कि जब तक इसकी मूल प्रति प्रस्तुत नहीं की जाती, तब तक नवाब परिवार के संपत्ति संबंधी दावों को अमान्य माना जाए। प्रशासन अब सभी ऐतिहासिक दस्तावेजों और राजस्व अभिलेखों का मिलान कर स्थिति स्पष्ट करने में जुट गया है।