भोपाल में पुलिस वालों की एक और बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है। एसएएफ के आरक्षक संतोष सेन ने अपने पूर्व सहकर्मी की 17 वर्षीय नाबालिग बेटी को जन्मदिन पार्टी का बहाना बनाकर होटल ले जाकर कथित दुष्कर्म किया। इस घिनौने काम में दूसरे पुलिसकर्मी जितेंद्र उर्फ जीत ने बाहर पहरा देकर साथ दिया। पीड़िता ने घर पहुंचकर पिता को सब कुछ बताया, जिसके बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। यह मामला खाकी की इज्जत पर सवालिया निशान लगा रहा है। (७२ शब्द)
पुरानी दोस्ती का गलत फायदा उठाया
संतोष सेन पहले भोपाल में तैनात था। उसी दौरान उसकी जितेंद्र उर्फ जीत नाम के सहकर्मी से अच्छी दोस्ती हो गई थी। परिवारिक रिश्तों की वजह से संतोष जितेंद्र की नाबालिग बेटी से भी संपर्क में आ गया। दोनों के बीच बातचीत होती रहती थी। बुधवार को संतोष भोपाल आया और उसने लड़की को फोन पर जन्मदिन पार्टी का झांसा दिया। बिना कुछ शक किए लड़की लाल परेड मैदान पहुंच गई।
पार्टी के बहाने होटल ले जाकर की दरिंदगी
लड़की को लाल परेड मैदान से सीधे एमपी नगर इलाके के एक होटल में ले गए। जितेंद्र ने उन्हें होटल तक छोड़ दिया, अपनी कार वहीं खड़ी की और अपने बेटे के साथ बाहर सीढ़ियों पर खड़े होकर पहरा देता रहा। अंदर संतोष सेन ने होटल के कमरे में नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया। पुलिस वाले खुद इस घिनौनी हरकत को अंजाम दे रहे थे, जो बेहद दुखद और चिंताजनक है।
घर पहुंच कर पिता को सुनाई आपबीती
घटना के बाद संतोष ने जितेंद्र की कार से ही लड़की को घर पहुंचा दिया। घर पहुंचते ही पीड़िता फूट-फूटकर रो पड़ी और पिता को सारी बात बता दी। पिता ने तुरंत उसे लेकर कमला नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की तो पता चला कि यह घटना लाल परेड मैदान से शुरू होकर जहांगीराबाद थाना क्षेत्र से जुड़ी हुई है।
दोनों आरोपियों गिरफ्तार
जहांगीराबाद थाना प्रभारी राजन सिंह अहिरवार ने बताया कि दोनों पुलिसकर्मी—संतोष सेन और जितेंद्र उर्फ जीत को गिरफ्तार कर लिया गया है। संतोष वर्तमान में धार जिले में एसएएफ में तैनात है। कमला नगर थाने में जीरो एफआईआर दर्ज की गई और आगे की जांच जहांगीराबाद थाने को सौंप दी गई है।