Bhopal- Royal -Property : नई दिल्ली। बॉलीवुड अभिनेता सैफ अली खान और उनके परिवार को भोपाल के आखिरी नवाब हमीदुल्लाह खान की 15,000 करोड़ रुपये मूल्य की शाही संपत्ति में हिस्सेदारी को लेकर सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। उच्चतम न्यायालय ने मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के उस आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है, जिसमें दशकों पुराने इस विवाद को निचली अदालत में पुन: सुनवाई के लिए भेजा गया था। इस आदेश से पटौदी खानदान की उम्मीदें एक बार फिर जीवित हो गई हैं।
15,000 करोड़ की शाही संपत्ति पर विवाद
भोपाल के आखिरी नवाब हमीदुल्लाह खान की संपत्ति में भोपाल, सीहोर और रायसेन स्थित महल, विशाल ज़मीनें, फ्लैग स्टाफ हाउस, नूर-उस-सबाह पैलेस, दार-उस-सलाम, हबीबी का बंगला, अहमदाबाद पैलेस और कोहेफिजा क्षेत्र की प्रॉपर्टी शामिल है। इस विरासत की अनुमानित कीमत लगभग 15,000 करोड़ रुपये है। नवाब, सैफ अली खान के पिता मंसूर अली खान पटौदी के नाना थे।
उच्च न्यायालय का आदेश और चुनौती
14 फरवरी 2000 को निचली अदालत ने नवाब की बेटी साजिदा सुल्तान, मंसूर अली खान और उनके कानूनी उत्तराधिकारियों (सैफ अली खान, सोहा अली खान, सबा सुल्तान, शर्मिला टैगोर) को विशेषाधिकार दिए थे। बाद में मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने इस फैसले को रद्द कर मामला निचली अदालत को वापस भेज दिया था। याचिकाकर्ताओं ने इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी।
सरकार की मान्यता और कानूनी दलील
नवाब की मृत्यु 1960 में होने के बाद, भारत सरकार ने 1962 में प्रमाण पत्र जारी कर साजिदा सुल्तान को संपत्ति की वास्तविक उत्तराधिकारी घोषित किया। हालांकि, विरोधी पक्ष का कहना है कि मुस्लिम पर्सनल लॉ के अनुसार यह संपत्ति सभी कानूनी उत्तराधिकारियों में बांटी जानी चाहिए।
मामला अब कहां है
सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल उच्च न्यायालय के आदेश पर रोक लगाकर पटौदी परिवार को राहत दी है। अब यह देखना बाकी है कि दशकों पुराना यह विवाद आखिरकार किसके पक्ष में सुलझेगा।