Bhopal E-rickshaw Ban:मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में बच्चों की सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने एक सख्त निर्णय लिया है। अब स्कूल परिसरों के बाहर ई-रिक्शा के संचालन पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह फैसला अनियंत्रित ई-रिक्शा संचालन से हो रही दुर्घटनाओं और ट्रैफिक जाम को देखते हुए लिया गया है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है और इस दिशा में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सांसद की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक
इस निर्णय की पृष्ठभूमि में शुक्रवार को पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक रही, जिसकी अध्यक्षता सांसद आलोक शर्मा ने की। बैठक में कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह, पुलिस आयुक्त हरिनारायणचारी मिश्रा और पीडब्ल्यूडी सहित नगर निगम के अधिकारी शामिल हुए। बैठक में ट्रैफिक सुधार, ई-रिक्शा नियंत्रण, ट्रांसफार्मर शिफ्टिंग और पार्किंग व्यवस्था जैसे मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई।
ई-रिक्शा से बच्चों को खतरा
कलेक्टर ने बताया कि ई-रिक्शा में स्कूल बच्चों की आवाजाही असुरक्षित है। इन रिक्शाओं के पलटने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, जिससे बच्चों की जान को खतरा है। इसी कारण स्कूलों में ई-रिक्शा प्रतिबंधित करने का निर्णय लिया गया है। स्कूल प्रबंधन को भी निर्देशित किया गया है कि वे इस आदेश का पालन करें और किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें।
बिना परमिट ई-रिक्शा बन रहे ट्रैफिक का कारण
भोपाल शहर में करीब 11,000 ई-रिक्शा बिना किसी वैध परमिट के चल रहे हैं, जो ट्रैफिक जाम की मुख्य वजह बनते जा रहे हैं। प्रशासन ने इन्हें नियंत्रण में लाने के लिए रंग-कोड आधारित जोन तय करने, नए रूट निर्धारित करने और अतिक्रमण हटाने की दिशा में काम शुरू कर दिया है। इसके अलावा, पीडब्ल्यूडी को एक सप्ताह में 42 चौराहों के लेफ्ट टर्न सुधार की योजना पेश करने के निर्देश दिए गए हैं।
ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव की उम्मीद
इस फैसले के बाद न सिर्फ स्कूल परिसरों की सुरक्षा बढ़ेगी, बल्कि शहर की ट्रैफिक व्यवस्था भी ज्यादा सुगम और व्यवस्थित हो सकेगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।