हर कॉल बन गया तनाव का कारण…राजधानी भोपाल में एक छात्र अजीब-सी परेशानी से जूझ रहा है। जिस फोन नंबर का इस्तेमाल वह अपनी पढ़ाई और रोजमर्रा के कामों के लिए करता है, वह अब उसके लिए सिरदर्द बन चुका है। दिनभर उसके पास अनजान लोगों के फोन आते हैं और हर कोई एक ही सवाल पूछता है—“मंत्री जी घर पर हैं क्या?” यह समस्या इतनी गंभीर हो चुकी है कि उसकी पढ़ाई और सामान्य दिनचर्या तक प्रभावित हो रही है।
कभी मंत्री का था यह मोबाइल नंबर
छात्र ने हाल ही में यह नया सिम कार्ड लिया था। लेकिन जब कॉल्स की बाढ़ सी आने लगी, तो एक ऐप के माध्यम से उसने जांच की। पता चला कि यह नंबर पहले किसी मंत्री का हुआ करता था, जिसे कुछ साल पहले बंद कर दिया गया था। अब यही नंबर दोबारा ऐक्टिव होकर छात्र को जारी कर दिया गया है।
अजनबी लोग मांगते हैं मदद और काम
छात्र ने बताया कि कई बार लोगों ने उसे व्हाट्सएप पर मैसेज करके मदद मांगी। कुछ लोग निजी कामों के लिए मंत्री से बात करवाने का अनुरोध करते हैं। यहां तक कि कई लोगों ने गुस्से में जवाब भी दिया, जब छात्र ने बताया कि अब यह नंबर किसी मंत्री का नहीं है।
पहचान बताने की कर चुका है कई कोशिशें
छात्र ने अपने व्हाट्सएप प्रोफाइल फोटो और स्टेटस पर अपनी तस्वीर लगाई है ताकि लोग समझ सकें कि अब यह नंबर किसी मंत्री का नहीं, बल्कि एक छात्र का है। उसने कई लोगों को व्यक्तिगत रूप से संदेश भेजकर यह भी बताया कि नंबर अब बदल चुका है, लेकिन कॉल्स का सिलसिला थमा नहीं है।
टेलीकॉम विभाग ने दी तकनीकी जानकारी
जब मामला टेलीकॉम विभाग तक पहुंचा तो अधिकारियों ने बताया कि बंद किए गए नंबरों को कुछ समय बाद दोबारा जारी कर दिया जाता है। छात्र के मामले में भी ऐसा ही हुआ है। हालांकि अधिकारियों ने यह भी माना कि अगर नंबर किसी बड़े नेता से जुड़ा हो, तो सामान्यत: विशेष सावधानी बरती जाती है।