Vande mataram news ----राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ के 150वें वर्ष के मौके पर भोपाल में देशभक्ति और भारतीय संस्कृति का अनोखा संगम देखने को मिल रहा है। डीबी सिटी मॉल में विविधा कलायम सांस्कृतिक समिति की ओर से आयोजित कार्यक्रम शुरू हो चुका है। एक ही मंच पर तीन विश्व रिकॉर्ड बनाने का प्रयास किया जा रहा है। 40 से ज्यादा वाद्य यंत्रों से संगीत प्रस्तुति, 200 से अधिक विद्यार्थियों का सामूहिक गायन और 150 से ज्यादा छात्राओं की कथक प्रस्तुति आयोजन का खास आकर्षण बनी हुई है।
40 से ज्यादा वाद्य यंत्रों से ‘वंदे मातरम’ की प्रस्तुति
कार्यक्रम में पहला रिकॉर्ड बनाने का प्रयास संगीत प्रस्तुति के जरिए किया जा रहा है। इंटरनेशनल म्यूजिशियन अभय तिवारी 40 से अधिक अलग-अलग वाद्य यंत्रों का इस्तेमाल करते हुए ‘वंदे मातरम’ की विशेष संगीतमय प्रस्तुति दे रहे हैं। एक ही प्रस्तुति में इतने वाद्य यंत्रों का इस्तेमाल दर्शकों के लिए खास आकर्षण बना हुआ है।
200 से ज्यादा विद्यार्थी कर रहे सामूहिक गायन
दूसरे रिकॉर्ड प्रयास के तहत विविधा अकादमी के 200 से अधिक विद्यार्थी एक साथ ‘वंदे मातरम’ का सामूहिक गायन कर रहे हैं। विद्यार्थियों की सामूहिक प्रस्तुति के दौरान आयोजन स्थल पर देशभक्ति का माहौल नजर आ रहा है। इसके जरिए बच्चों और युवाओं को राष्ट्रीय गीत और भारतीय संस्कृति से जोड़ने का संदेश दिया जा रहा है।
150 से ज्यादा छात्राओं की कथक प्रस्तुति
तीसरे रिकॉर्ड प्रयास के तहत 150 से अधिक छात्राएं ‘वंदे मातरम’ पर सामूहिक कथक नृत्य प्रस्तुत कर रही हैं। कथक की यह प्रस्तुति लाइव म्यूजिक के साथ हो रही है। शास्त्रीय नृत्य, संगीत और देशभक्ति को एक साथ पिरोकर तैयार की गई इस प्रस्तुति को कार्यक्रम का प्रमुख हिस्सा माना जा रहा है।
डीबी सिटी मॉल में हो रहा आयोजन
कार्यक्रम शाम 4 बजे से शुरू हुआ है। डीबी सिटी मॉल में हो रहे इस आयोजन में संगीत, सामूहिक गायन और कथक नृत्य के जरिए ‘वंदे मातरम’ को केंद्र में रखा गया है। कार्यक्रम की प्रोफेशनल वीडियो रिकॉर्डिंग और फोटोग्राफी भी की जा रही है, ताकि तीनों रिकॉर्ड प्रयासों से जुड़े दस्तावेज सुरक्षित रखे जा सकें।
विश्व रिकॉर्ड के साथ संस्कृति का संदेश
आयोजकों के मुताबिक कार्यक्रम का मकसद केवल विश्व रिकॉर्ड का प्रमाण-पत्र हासिल करना नहीं है। इसके जरिए ‘वंदे मातरम’ के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही युवाओं में राष्ट्रप्रेम और सांस्कृतिक गौरव की भावना मजबूत करने के साथ भारतीय संगीत और शास्त्रीय नृत्य की समृद्ध परंपरा को बड़े मंच पर प्रस्तुत किया जा रहा है।