Bhopal Voter List Update: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मतदाताओं की संख्या तेजी से बढ़ रही है। निर्वाचन विभाग के ताजा आंकड़े चौंकाने वाले हैं। जहां वर्ष 2003 में भोपाल में करीब 11 लाख 81 हजार 531 मतदाता थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 21 लाख 18 हजार 364 तक पहुंच गई है। यानी 22 साल में वोटरों की संख्या लगभग दोगुनी हो चुकी है। इस बीच अब मतदाता सूची की सटीकता जांचने के लिए स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की परीक्षा जैसे सर्वे की तैयारी शुरू हो गई है। इसके तहत हर मतदाता को अपने दस्तावेज दिखाने होंगे।
बीएलओ करेंगे घर-घर सर्वे
भोपाल जिले के सभी 2029 बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) को घर-घर जाकर मतदाता सूची की जांच का जिम्मा सौंपा गया है। ये अधिकारी हर परिवार से जानकारी जुटाएंगे और नाम, पता या उम्र से जुड़ी गलतियों को सुधारेंगे। निर्वाचन नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत कलेक्टर कार्यालय में बुधवार को दो महत्वपूर्ण बैठकें हुईं—पहली स्टैंडिंग कमेटी की और दूसरी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ।
पुराने मतदाताओं को राहत, नए को दिखाने होंगे कागज
सूत्रों के मुताबिक, जिन परिवारों के नाम 2003 की मतदाता सूची में पहले से दर्ज हैं, उन्हें दोबारा दस्तावेज जमा नहीं करने होंगे। लेकिन जिन मतदाताओं के नाम 2003 के बाद जोड़े गए हैं, उन्हें अपनी पहचान और पते के लिए दो से तीन दस्तावेज जमा करने होंगे। इनमें फॉर्म-6, फॉर्म-7 और फॉर्म-8 का इस्तेमाल किया जाएगा, ताकि किसी भी फर्जीवाड़े को खत्म किया जा सके।
सुप्रीम कोर्ट गाइडलाइन पर सख्ती
निर्वाचन आयोग ने सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार मतदाता सूची की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को कहा गया है कि किसी भी मतदाता का नाम बिना उचित प्रमाण के न हटाया जाए और न ही जोड़ा जाए। इसके लिए प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में संपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम पहले ही आयोजित किया जा चुका है।
भोपाल की विधानसभा सीटें बढ़ीं, मतदाता भी
वर्ष 2003 में भोपाल जिले में केवल 4 विधानसभा सीटें थीं—गोविंदपुरा, भोपाल दक्षिण-पश्चिम, भोपाल उत्तर और बैरसिया। लेकिन अब यह बढ़कर 7 विधानसभा क्षेत्र हो चुके हैं—बैरसिया, भोपाल उत्तर, भोपाल दक्षिण-पश्चिम, भोपाल मध्य, गोविंदपुरा और हुजूर। विधानसभा बढ़ने के साथ मतदाताओं की संख्या में भी जबरदस्त उछाल देखने को मिला है।
अब दिखानी होगी ‘लोकतांत्रिक पहचान’
SIR सर्वे के दौरान यह जांचा जाएगा कि कोई मतदाता दो जगह से वोट तो नहीं डाल रहा। इसके लिए BLO नागरिकों से पहचान पत्र, बिजली बिल या राशन कार्ड जैसे दस्तावेज मांगेंगे। निर्वाचन विभाग का दावा है कि इस प्रक्रिया से मतदाता सूची का 100% शुद्धिकरण किया जाएगा, ताकि 2028 के चुनाव तक भोपाल एक ‘सटीक मतदाता जिले’ के रूप में पहचाना जाए।