मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल एक बार फिर राजनीतिक और लोकतांत्रिक संवाद का केंद्र बनने जा रही है। 30 और 31 मार्च 2026 को यहां युवा विधायकों का एक बड़ा सम्मेलन आयोजित होगा, जिसमें तीन राज्यों के 55 से अधिक युवा जनप्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। यह आयोजन न केवल नई पीढ़ी के नेताओं को मंच देगा, बल्कि ‘विकसित भारत @2047’ के विजन को लेकर ठोस चर्चा का आधार भी तैयार करेगा।
क्या है सम्मेलन की खासियत?
यह दो दिवसीय सम्मेलन मध्यप्रदेश विधानसभा की एक अनूठी पहल है, जिसमें 45 वर्ष से कम उम्र के विधायक शामिल होंगे। इसमें मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के युवा जनप्रतिनिधि एक मंच पर आकर लोकतंत्र के भविष्य पर विचार साझा करेंगे। कुल मिलाकर 55 से ज्यादा विधायक इसमें भाग लेंगे।
इन दिग्गजों की रहेगी मौजूदगी
सम्मेलन का उद्घाटन डॉ. मोहन यादव करेंगे। इसके साथ ही नरेन्द्र सिंह तोमर और रमन सिंह भी कार्यक्रम में शामिल होंगे। समापन सत्र में हरिवंश नारायण सिंह की उपस्थिति कार्यक्रम को और अहम बनाएगी।
दो अहम विषयों पर होगा मंथन
सम्मेलन के दौरान ‘लोकतंत्र में युवा भूमिका’ और ‘विकसित भारत @2047’ जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चर्चा की जाएगी। युवा विधायक अपने-अपने क्षेत्रों की सफलता की कहानियां साझा करेंगे और भविष्य की चुनौतियों पर रणनीति तैयार करेंगे।
लोकतंत्र को मजबूत करने की पहल
इस आयोजन का उद्देश्य केवल संवाद तक सीमित नहीं है, बल्कि युवा नेतृत्व को सशक्त बनाना भी है। विभिन्न सत्रों के माध्यम से विधायकों को संसदीय प्रणाली, नीति निर्माण और जनसेवा के नए आयामों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
क्यों खास है यह आयोजन?
यह सम्मेलन इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पहली बार तीन राज्यों के युवा विधायक एक साथ बैठकर देश के विकास और लोकतंत्र की दिशा पर सामूहिक चर्चा करेंगे। इससे न केवल विचारों का आदान-प्रदान होगा, बल्कि राज्यों के बीच बेहतर समन्वय भी स्थापित होगा।