राजधानी भोपाल ने शहरी परिवहन के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम आगे बढ़ा दिया है। वर्षों के इंतजार के बाद मेट्रो सेवा का औपचारिक शुभारंभ हो गया। हरी झंडी के साथ मेट्रो ने अपनी पहली यात्रा शुरू की, जिसने भोपाल को आधुनिक शहरों की कतार में खड़ा कर दिया। यह सिर्फ परिवहन सुविधा नहीं, बल्कि शहर के भविष्य की नई दिशा मानी जा रही है।
हरी झंडी के साथ मेट्रो का ऐतिहासिक आगाज
भोपाल मेट्रो को केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके साथ ही राजधानी में मेट्रो सेवा की आधिकारिक शुरुआत हो गई। दोनों नेताओं ने सुभाष नगर से एम्स तक 6.22 किलोमीटर लंबे प्राथमिक कॉरिडोर पर मेट्रो से सफर किया और परियोजना की तैयारियों का जायजा लिया।
पहले सफर में 30 स्कूली बच्चे बने गवाह
इस ऐतिहासिक यात्रा को खास बनाने के लिए 30 स्कूली बच्चों को भी मेट्रो में सवार किया गया। बच्चों का उत्साह देखते ही बन रहा था। उनके लिए यह सिर्फ एक यात्रा नहीं, बल्कि भोपाल के विकास को करीब से देखने का अनुभव रहा। मेट्रो के पहले यात्रियों में शामिल होकर बच्चों ने यादगार पल संजोए।
सुभाष नगर से एम्स तक 6.22 किमी का आधुनिक रूट
भोपाल मेट्रो का यह पहला चरण सुभाष नगर से एम्स तक फैला है। इस रूट पर कुल 8 आधुनिक स्टेशन बनाए गए हैं, जिन्हें यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। यह कॉरिडोर शहर के महत्वपूर्ण इलाकों को जोड़ते हुए ट्रैफिक दबाव कम करने में अहम भूमिका निभाएगा।
मिंटो हॉल में हुआ भव्य उद्घाटन समारोह
मेट्रो के शुभारंभ से पहले कुशाभाऊ ठाकरे अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें राज्य सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री, जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का रिकॉर्डेड वीडियो संदेश भी दिखाया गया, जिसने कार्यक्रम को और खास बना दिया।
रातभर तैयारियां, कल से आम जनता के लिए सेवा
उद्घाटन से पहले सभी 8 मेट्रो स्टेशनों पर रातभर तैयारियां की गईं। स्टेशनों को फूलों और रोशनी से सजाया गया। तकनीकी और सुरक्षा परीक्षण पूरे होने के बाद मेट्रो सेवा को हरी झंडी दी गई। आम यात्रियों के लिए भोपाल मेट्रो सेवा अब कल से शुरू होगी, जिससे शहरवासियों को तेज और आरामदायक सफर की सुविधा मिलेगी।