राजधानी भोपाल के लिए यह ऐतिहासिक पल है। वर्षों के इंतजार के बाद अब भोपाल मेट्रो आम लोगों की जिंदगी का हिस्सा बनने जा रही है। 20 दिसंबर को मिंटो हॉल में इसका लोकार्पण होगा, जबकि 21 दिसंबर से यात्री नियमित रूप से मेट्रो में सफर कर सकेंगे। हालांकि, शुरुआती दिनों में फ्री राइड की कोई सुविधा नहीं होगी और तय किराया ही देना पड़ेगा।
21 दिसंबर से आम यात्रियों के लिए खुलेगी मेट्रो
भोपाल मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के अनुसार, मेट्रो का नियमित संचालन 21 दिसंबर सुबह 9 बजे से शुरू होगा। यात्री टिकट लेकर मेट्रो में यात्रा कर सकेंगे। अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि किराए में किसी तरह की छूट या फ्री ट्रायल की सुविधा नहीं दी जाएगी। मेट्रो को फिलहाल प्रायोरिटी कॉरिडोर पर चलाया जा रहा है।
सुबह 9 से शाम 7 बजे तक संचालन
शुरुआती चरण में भोपाल मेट्रो सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे तक चलेगी। पूरे दिन में कुल 17 ट्रिप प्रस्तावित हैं। एम्स से सुभाष नगर तक का सफर करीब 25 मिनट में पूरा होगा। एक ट्रेन के बाद दूसरी ट्रेन के लिए यात्रियों को लगभग सवा घंटे का इंतजार करना पड़ सकता है।
एम्स से सुभाष नगर तक ये हैं स्टेशन
प्रायोरिटी कॉरिडोर में कुल 8 स्टेशन शामिल हैं—
एम्स, अल्कापुरी, डीआरएम, रानी कमलापति, एमपी नगर, बोर्ड ऑफिस, केंद्रीय विद्यालय और सुभाष नगर।
सुबह 9 बजे पहली ट्रेन एम्स से चलेगी और तय समय-सारिणी के अनुसार सभी स्टेशनों पर रुकेगी।
जानें कितना देना होगा किराया
मेट्रो का किराया दूरी के हिसाब से तय किया गया है—
पहले 2 स्टेशनों तक: 20 रुपये
4 स्टेशनों तक: 30 रुपये
पूरे 8 स्टेशनों तक: 40 रुपये
भविष्य में पूरी 16 किमी लाइन शुरू होने पर अधिकतम किराया 70 रुपये होगा।
पार्किंग नहीं, यात्रियों को खुद करना होगा इंतजाम
मेट्रो स्टेशनों पर फिलहाल पार्किंग की सुविधा नहीं है। मेट्रो प्रबंधन का कहना है कि डीपीआर में पार्किंग का प्रावधान नहीं था। ऐसे में यात्रियों को ऑटो या निजी साधनों से स्टेशन तक पहुंचना होगा, जिससे अतिरिक्त खर्च भी बढ़ सकता है।
सात साल में सिर्फ 35% काम पूरा
भोपाल मेट्रो की ओरेंज लाइन (एम्स से करोंद) पर काम 2018 में शुरू हुआ था। अब तक केवल 6.22 किमी का हिस्सा ही चालू हो पाया है। शेष लगभग 10 किमी लाइन को 2030 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।