
अयोध्या ने शुक्रवार को एक विशेष पल देखा जब भूटान के प्रधानमंत्री दाशो शेरिंग तोबगे चार घंटे की यात्रा पर पवित्र नगरी पहुंचे। सुबह करीब साढ़े नौ बजे भारतीय वायुसेना के विशेष विमान से अयोध्या हवाईअड्डे पर उनका आगमन हुआ। यहां उनका जिला प्रशासन की ओर से भव्य स्वागत किया गया। स्वागत करने वालों में उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री सूर्य प्रताप शाही, अयोध्या के महापौर गिरीश पति त्रिपाठी और स्थानीय विधायक वेद प्रकाश गुप्ता शामिल रहे।
इस दौरान हवाईअड्डे से उनका काफिला प्रयागराज और लखनऊ-गोरखपुर राजमार्ग से होते हुए सीधे श्रीराम जन्मभूमि मंदिर पहुंचा। वहीं सुरक्षा को लेकर भी पुख्ता इंतजाम किए गए थे, जिनमें पीएसी, सीआरपीएफ, एसएसएफ, नागरिक पुलिस, एटीएस और एसटीएफ की विशेष तैनाती शामिल रही।
रामलला की भूटानी प्रधानमंत्री ने पूजा-अर्चना की
रामलला के दरबार में पहुंचकर भूटानी प्रधानमंत्री ने प्रभु श्रीराम की विधिवत पूजा-अर्चना की और भगवान राम का आशीर्वाद ग्रहण किया। भूटानी प्रधानमंत्री ने इसे अपने जीवन का एक अविस्मरणीय अनुभव बताया। ये दृश्य केवल एक धार्मिक अनुष्ठान भर नहीं, बल्कि यह संदेश भी देता है कि राम की आस्था और मर्यादा सीमाओं से परे पूरे विश्व को एक साथ जोड़ती है।
तोबगे का कार्यक्रम केवल राम मंदिर तक ही सीमित नहीं रहा। उन्होंने हनुमानगढ़ी और अन्य प्रमुख मंदिरों में जाकर भी दर्शन किए। इस यात्रा के दौरान अयोध्या में श्रद्धा और उत्साह का खास माहौल देखने को मिला।
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विशेष भोज का किया गया आयोजन
भूटान के प्रधानमंत्री के सम्मान में एक विशेष भोज का भी आयोजन किया गया था, जिसमें राज्य और केंद्र सरकार के मंत्री शामिल होने वाले हैं। पूरा दौरा प्रधानमंत्री कार्यालय और उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री कार्यालय की कड़ी निगरानी में संपन्न हो रहा है। करीब डेढ़ बजे दाशो शेरिंग तोबगे अयोध्या से दिल्ली रवाना होंगे। उनके दौरे को भारत-भूटान के पारंपरिक और गहरे रिश्तों का प्रतीक माना जा रहा है।
स्वागत समारोह में मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने पत्रकारों से कहा कि भूटान और भारत के बीच लंबे समय से आत्मीय संबंध हैं और इस यात्रा ने दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूत बनाया है।
यह यात्रा इस बात का प्रमाण है कि अयोध्या और राम मंदिर की आस्था केवल भारत तक सीमित नहीं, बल्कि दुनिया के कई देशों में लोग इसे आदर और श्रद्धा की दृष्टि से देखते हैं।