छत्तीसगढ़ में मौजूद यह शिवलिंग हर साल बढ़ता जा रहा है, मान्यता है—जिस दिन यह रुक गया, वही दिन होगा कलयुग का अंत! भारत में आस्था और रहस्य की कई कहानियाँ समय-समय पर सामने आती रही हैं। लेकिन छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के एक मंदिर से जुड़ी मान्यता हर किसी को चौंका देती है। भूतेश्वर महादेव मंदिर में स्थित शिवलिंग को लेकर यह विश्वास किया जाता है कि यह हर साल धीरे-धीरे आकार में बढ़ रहा है। मान्यता यह भी है कि जिस दिन इस शिवलिंग का बढ़ना बंद हो जाएगा, उसी दिन कलयुग का अंत निश्चित हो जाएगा। यह शिवलिंग अपनी रहस्यमयी प्रकृति और धार्मिक महत्त्व के चलते देशभर के श्रद्धालुओं और शोधकर्ताओं के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
रहस्यमयी शिवलिंग जो हर साल बढ़ता जा रहा है
स्थानीय लोगों के अनुसार बीते 75 वर्षों में शिवलिंग की ऊंचाई लगभग 15 फीट तक बढ़ चुकी है। अब इसकी मौजूदा ऊंचाई लगभग 80 फीट और गोलाई 290 फीट बताई जा रही है। इसकी निरंतर बढ़ती आकृति के पीछे कोई वैज्ञानिक प्रमाण अब तक सामने नहीं आया है, जिससे यह और भी रहस्य बन गया है।
‘शिवासा’ – शिव की पावन भूमि
धार्मिक ग्रंथों में भी इस स्थान का उल्लेख मिलता है। इन्हें ‘शिवासा’ कहा गया है, जिसका अर्थ है—‘शिव का क्षेत्र’। एक कथा के अनुसार जब भगवान शिव, माता पार्वती और भगवान गणेश आकाश मार्ग से गुजर रहे थे, तब उन्होंने इस स्थान को देखकर यहां शिवलिंग को चमत्कारिक रूप से प्रकट किया।
भक्तों की आस्था और विज्ञान की चुप्पी
हालांकि, वैज्ञानिक अब तक इस प्रक्रिया को लेकर किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचे हैं। वहीं श्रद्धालु इसे महादेव का चमत्कार मानते हैं और प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में दर्शन के लिए यहां आते हैं। शिवरात्रि और सावन के महीने में इस मंदिर में विशेष पूजा और मेले का आयोजन होता है।