Bhuvneshwar Kumar Comeback Debate : भारतीय क्रिकेट टीम में भुवनेश्वर कुमार की वापसी ने क्रिकेट जगत में नई चर्चा शुरू कर दी है। करीब चार साल बाद 36 वर्षीय भुवनेश्वर को न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए भारतीय टीम में चुना गया है। नवंबर 2022 में आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाले भुवनेश्वर की वापसी को सिर्फ एक चयन नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेट की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
2028 टी20 वर्ल्ड कप और ओलंपिक से जुड़ रहे सवाल
भुवनेश्वर की वापसी के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि क्या चयनकर्ता 2028 टी20 विश्व कप और लॉस एंजिलिस ओलंपिक को ध्यान में रखकर तैयारी कर रहे हैं। हालांकि 2028 तक भुवनेश्वर की उम्र 38 साल हो जाएगी, इसलिए यह बहस भी तेज हो गई है कि टीम को अनुभवी खिलाड़ियों पर भरोसा करना चाहिए या युवा तेज गेंदबाजों को तैयार करना चाहिए।
आईपीएल 2026 बना वापसी की सबसे बड़ी वजह
भुवनेश्वर कुमार ने आईपीएल 2026 में शानदार प्रदर्शन किया था। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की ओर से खेलते हुए उन्होंने 28 विकेट लिए और टूर्नामेंट के सबसे सफल गेंदबाजों में शामिल रहे। नई गेंद से स्विंग और पावरप्ले में विकेट निकालने की उनकी क्षमता ने चयनकर्ताओं का ध्यान फिर से उनकी ओर खींचा। यही प्रदर्शन उनकी वापसी की सबसे बड़ी वजह माना जा रहा है।
पुराने उदाहरण भी बढ़ा रहे हैं चर्चा
भारतीय क्रिकेट में इससे पहले भी आईपीएल प्रदर्शन के आधार पर अनुभवी खिलाड़ियों की वापसी हुई है। दिनेश कार्तिक को 2022 टी20 विश्व कप से पहले मौका मिला था, लेकिन वह उम्मीदों पर खरे नहीं उतर सके। वहीं करुण नायर ने घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के बाद टेस्ट टीम में वापसी की, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसी सफलता को दोहरा नहीं पाए। ऐसे उदाहरणों के कारण भुवनेश्वर की वापसी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
मोहम्मद कैफ ने जल्दबाजी से बचने की दी सलाह
पूर्व भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद कैफ का मानना है कि भुवनेश्वर की वापसी को अभी 2028 विश्व कप की योजना से जोड़ना जल्दबाजी होगी। उनके अनुसार फिलहाल चयनकर्ताओं का फोकस न्यूजीलैंड सीरीज है और पहले यह देखना होगा कि भुवनेश्वर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कैसी गेंदबाजी करते हैं। कैफ का यह भी मानना है कि हाल के वर्षों में कई युवा तेज गेंदबाज अपेक्षित निरंतरता नहीं दिखा सके, जिसके चलते टीम प्रबंधन को अनुभवी विकल्प की ओर लौटना पड़ा।
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न्यूजीलैंड दौरा तय कर सकता है आगे का रास्ता
भुवनेश्वर कुमार के लिए न्यूजीलैंड सीरीज सिर्फ वापसी नहीं, बल्कि करियर का अहम मोड़ भी साबित हो सकती है। अगर वह नई गेंद और डेथ ओवरों में प्रभावी प्रदर्शन करते हैं तो भविष्य की योजनाओं में उनकी भूमिका मजबूत हो सकती है। वहीं प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा तो टीम प्रबंधन एक बार फिर युवा तेज गेंदबाजों की ओर रुख कर सकता है। ऐसे में न्यूजीलैंड दौरा भुवनेश्वर के अंतरराष्ट्रीय भविष्य की दिशा तय करने वाला माना जा रहा है।