
Lawyers Strike: पश्चिम उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच की मांग को लेकर अधिवक्ताओं ने आरपार की लड़ाई छेड़ दी है। सोमवार, 4 अगस्त को मेरठ, सहारनपुर समेत 22 जिलों में वकीलों ने हड़ताल का ऐलान किया है। इस दौरान कोई भी अधिवक्ता न्यायिक कार्य नहीं करेगा, साथ ही रजिस्ट्री कार्यालय और कचहरी की सभी दुकानें भी पूरी तरह बंद रहेंगी। हाईकोर्ट बेंच केंद्रीय संघर्ष समिति के चेयरमैन संजय शर्मा और संयोजक राजेन्द्र सिंह राणा की अध्यक्षता में हुई जूम मीटिंग में यह निर्णय लिया गया।
हाईकोर्ट बेंच को लेकर भेदभाव का आरोप
अधिवक्ताओं का कहना है कि जब महाराष्ट्र के कोल्हापुर में हाईकोर्ट की चौथी बेंच स्थापित की जा सकती है, तो पश्चिम उत्तर प्रदेश में अब तक ऐसा क्यों नहीं हुआ। वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने कहा कि आजादी के बाद से लगातार इस मांग को उठाया जा रहा है, लेकिन राजनीतिक उपेक्षा के चलते अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। अधिवक्ताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मेरठ-सहारनपुर दौरे के दौरान उन्हें ज्ञापन सौंपा जाएगा, और यदि मुलाकात का समय नहीं मिला तो वकील प्रदर्शन और घेराव करेंगे।
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केंद्र सरकार के पास है अधिकार, अब देरी नहीं चलेगी
संघर्ष समिति की बैठक में शामिल वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने यह भी स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार के पास अधिकार है कि वह बिना राज्य सरकार की सिफारिश के भी यूपी, बिहार और जम्मू-कश्मीर जैसे राज्यों में हाईकोर्ट की बेंच स्थापित कर सकती है। अब देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में सैकड़ों अधिवक्ताओं ने हिस्सा लिया और एक स्वर में सौतेले व्यवहार के खिलाफ आवाज बुलंद की। सभी ने केंद्र सरकार से जल्द फैसला लेने की मांग की।