अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने राम मंदिर परिसर में स्थित 14 नए मंदिरों के लिए पुजारियों की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू कर दी है. ट्रस्ट ने 26 से 30 जून 2025 तक ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं, जिसमें 20‑30 वर्ष के गुरुकुल‑शिक्षित युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी. प्रशिक्षण के दौरान चुने गए अभ्यर्थियों को भोजन, आवास और 2,000 रुपये मासिक वजीफा मिलेगा. इसके लिए 306‑चरणीय चयन प्रक्रिया में लिखित और मौखिक परीक्षाएँ शामिल होंगी, जिन्हें पास करने वाले ही अंतिम रूप से जिम्मेदारी के लिए चुने जाएंगे.
14 नए मंदिरों के लिए नियुक्ति
अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने राम मंदिर परिसर में बनने वाले 14 नए मंदिरों के लिए 26 से 30 जून 2025 के बीच ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं. इसमें 20–30 वर्ष के गुरुकुल‑शिक्षित युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी. चयनित पुजारियों को 306‑चरणीय सख्त परीक्षा पास करनी होगी, जिसके बाद प्रशिक्षण काल में 2,000 रुपये मासिक छात्रवृत्ति (भोजन व आवास सहित) प्रदान किया जाएगा. यह पहल 306‑फेज़ टेस्ट प्रणाली और नवयुवकों को रोचक अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से की गई है, ताकि अयोध्या के युवाओं में कौशल व रोजगार के संतुलन बने.
ऑनलाइन आवेदन 26 से 30 जून
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने 26 से 30 जून 2025 तक 14 नए मंदिरों के लिए पुजारियों की ऑनलाइन भर्ती शुरू की है, जिसमें अयोध्या और आस-पास के क्षेत्र के 20–30 वर्ष के गुरुकुल‑शिक्षित युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी. देशभर से इच्छुक उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं, लेकिन स्थानीय युवाओं को वरीयता देकर पारंपरिक पंडित वर्ग के साथ सामुदायिक भागीदारी सुनिश्चित करने की योजना है.
20 से 30 वर्ष और गुरुकुल शिक्षा अनिवार्य
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा 14 नए मंदिरों के पुजारियों की भर्ती में आवेदनकर्ता की आयु 20–30 साल के बीच होना आवश्यक है. इसके साथ ही, उनका गुरुकुल से धार्मिक शिक्षा प्राप्त होना भी एक अनिवार्य शर्त है.
भोजन, आवास और मासिक वजीफा की जानकारी
चयनित पुजारियों को छह महीने का आवासीय प्रशिक्षण दिया जाएगा. जिसमें उन्हें भोजन, आवास की सुविधा के साथ-साथ ₹2,000 मासिक छात्रवृत्ति भी प्रदान की जाएगी. 306-चरणीय चयन प्रक्रिया लिखित से मौखिक तक की होगी जो कोषाध्यक्ष की निगरानी में होगी.
बता दें कि इस महीने की शुरुआत में राम मंदिर परिसर में श्रीराम दरबार समेत कुल 14 नए मंदिरों में तीन दिवसीय भव्य प्राण प्रतिष्ठा समारोह आयोजित किया गया था।