
Railway Minister Ashwini Vaishnav: नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने सहकारी समितियों की मजबूती के लिए एक अहम कदम उठाते हुए राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (एनसीडीसी) की पूंजी में 2,000 करोड़ रुपये का इजाफा करने की घोषणा की है। केंद्रीय रेल और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि यह राशि ‘सहायता अनुदान’ के रूप में एनसीडीसी को प्रदान की जाएगी, जिससे यह संस्था देशभर की सहकारी समितियों को और अधिक प्रभावी ढंग से ऋण दे सकेगी। वर्तमान में एनसीडीसी लगभग 8.25 लाख सहकारी समितियों को वित्तीय सहायता देता है, जिनके 29 करोड़ सदस्य हैं, और इनमें से 94% किसान वर्ग से आते हैं।
उच्च रिकवरी दर और शून्य एनपीए बनी मिसाल
मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि एनसीडीसी की वित्तीय कार्यप्रणाली बेहद प्रभावशाली रही है। उन्होंने कहा कि एनसीडीसी द्वारा दिए गए ऋण की रिकवरी दर 99.8% है, और इसका नेट एनपीए (नॉन परफॉर्मिंग एसेट्स) शून्य है। यह इस बात का प्रमाण है कि सहकारी संस्थाएं वित्तीय अनुशासन का पालन कर रही हैं और सरकारी सहायता को सही दिशा में उपयोग कर रही हैं। इस वजह से सरकार को भरोसा है कि यदि पूंजी और बढ़ाई जाती है तो इसका लाभ और अधिक लोगों तक पहुंचेगा।
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20,000 करोड़ तक बढ़ेगी लैंडिंग क्षमता
केंद्रीय मंत्री ने आगे बताया कि अगले चार वर्षों में सरकार 2,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त सहायता प्रदान करेगी, जिससे एनसीडीसी की लोन देने की क्षमता 500 करोड़ रुपये से बढ़कर 20,000 करोड़ रुपये तक पहुंच सकेगी। इससे देशभर की सहकारी संस्थाओं को कृषि, डेयरी, मत्स्य पालन, प्रोसेसिंग आदि क्षेत्रों में बड़ी मदद मिलेगी। यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस सोच को आगे बढ़ाता है, जिसमें किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया गया है।