मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में शनिवार को B.Ed परीक्षा के दौरान एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। शासकीय पीजी कॉलेज में चल रही बीएड द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षा में एक महिला दूसरे की जगह परीक्षा देते हुए पकड़ी गई। खास बात यह है कि यह फर्जी परीक्षार्थी बिहार के भागलपुर से श्योपुर आई थी और उसने काजल कुमारी नाम की छात्रा की जगह पेपर देने की कोशिश की। परीक्षक को दस्तावेजों की जांच के दौरान संदेह हुआ, जिसके बाद सख्ती से पूछताछ की गई। जांच में पुष्टि हुई कि परीक्षा देने वाली महिला का नाम संजना कुमारी है और वह खुद परीक्षार्थी नहीं है। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी महिला को हिरासत में ले लिया।
इस घटना से न केवल परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा पर सवाल उठे हैं, बल्कि शैक्षणिक संस्थानों में बढ़ते फर्जीवाड़े की पोल भी खुल गई है। पुलिस ने इस मामले में FIR दर्ज कर ली है और संजना से पूछताछ जारी है।
नकली परीक्षार्थी का खुलासा
परीक्षा के दौरान दस्तावेज मिलान करते समय वीक्षक को संदेह हुआ। जब आधार कार्ड और उपस्थिति पत्र में फर्क देखा गया तो मामला सामने आया। पकड़ी गई महिला ने खुद को संजना कुमारी बताया, जो भागलपुर बिहार की रहने वाली है। वह काजल कुमारी के बदले परीक्षा दे रही थी। कॉलेज प्रबंधन की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को गिरफ्तार कर थाने ले गई। वहां पूछताछ जारी है। इस घटना के बाद जीवाजी विश्वविद्यालय के अंतर्गत हो रही B.Ed परीक्षा की सुरक्षा और सत्यता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
गंभीर है परीक्षा में नकल का नेटवर्क
पुलिस इस मामले को परीक्षा माफिया या संगठित फर्जीवाड़े से जोड़कर भी जांच कर सकती है, क्योंकि छात्रा की जगह परीक्षा देना गंभीर अपराध है।