
राजधानी दिल्ली में शराब कारोबार से जुड़े लोगों के लिए बड़ी खबर सामने आई है. दिल्ली सरकार ने अपनी नई शराब ड्राफ्ट पॉलिसी में ऐसा कदम उठाया है, जो राजधानी के शराब बाजार का पूरा चेहरा बदल सकता है. अब शराब की प्रीमियम दुकानें सिर्फ मॉल या शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में ही नहीं, बल्कि औद्योगिक क्षेत्रों में भी खोली जा सकेंगी यानी अब फैक्ट्रियों और इंडस्ट्रियल हब्स के पास भी हाई-एंड शराब की दुकानें देखने को मिलेंगी। हालांकि, सरकार ने इसके लिए शर्त रखी है कि दुकानें उन्हीं इलाकों में खुलेंगी जहां की सड़कें कम से कम 24 मीटर चौड़ी हों. ये दिल्ली में पहली बार है जब किसी इंडस्ट्रियल जोन को इस नीति के तहत शामिल किया गया है.
प्रीमियम दुकानों की संख्या बढ़ाई जाएगी
रेखा सरकार का कहना है कि इस कदम का मकसद सिर्फ शराब की बिक्री बढ़ाना नहीं, बल्कि लोगों का खरीदारी अनुभव बेहतर बनाना है. अब दिल्ली के लोगों को शराब खरीदने के लिए एनसीआर के दूसरे शहरों जैसे नोएडा या गुरुग्राम नहीं जाना पड़ेगा. दिल्ली सरकार चाहती है कि राजधानी में ही शराब की उपलब्धता बढ़े ताकि राजस्व भी यहीं बढ़े. इसके लिए प्रीमियम दुकानों की संख्या बढ़ाई जाएगी और खास ध्यान रखा जाएगा कि कोई भी दुकान रिहायशी इलाकों के पास न खुले. दिल्ली में वर्तमान में 29 अधिकृत औद्योगिक क्षेत्र हैं, जिन्हें इस नई नीति के तहत खोला जाएगा.
व्यस्तता के कारण फिलहाल टली
सूत्रों के मुताबिक, नई शराब नीति पर बनी कमेटी की फाइनल बैठक कैबिनेट मंत्री प्रवेश वर्मा की व्यस्तता के कारण फिलहाल टल गई है लेकिन जल्द ही इसे अंतिम रूप देकर सरकार के पास भेजा जाएगा. मौजूदा शराब नीति 31 मार्च 2026 तक लागू है, और नई नीति इसी के बाद से लागू हो सकती है. सरकार का मानना है कि इस फैसले से शराब कारोबार को नई दिशा मिलेगी और दिल्ली सरकार का राजस्व रिकॉर्ड स्तर पर बढ़ेगा. नई नीति आने के बाद दिल्ली का शराब व्यापार एक नए दौर में प्रवेश करेगा. औद्योगिक क्षेत्रों में शराब दुकानों के खुलने से उन इलाकों में काम करने वाले हजारों कर्मचारियों को भी सुविधा मिलेगी. वहीं, सरकार सुरक्षा और निगरानी पर भी खास ध्यान देने की तैयारी में है ताकि कोई अव्यवस्था न फैले.