
यूपी में शहरी निकायों के विस्तार के बाद अब पंचायत चुनावों पर असर साफ तौर पर नजर आ रहा है. ताजा परिसीमन की वजह से राज्य में जिला पंचायत सदस्य के 30 और क्षेत्र पंचायत सदस्य के 830 वार्ड कम हो गए हैं. जिसकी विस्तृत रिपोर्ट पंचायती राज विभाग द्वारा तैयार कर ली गई है. जल्द ही ये रिपोर्ट राज्य निर्वाचन आयोग को भेज दी जाएगी, जिसके आधार पर ही अगले साल चुनाव होंगे.
16 जिलों में जिला पंचायत वार्डों की संख्या घटी
वहीं अब राज्य में जिला पंचायत सदस्य को लेकर 3,020 वार्ड और क्षेत्र पंचायत सदस्य को 75,014 वार्डों पर चुनाव संपन्न कराए जाएंगे. पंचायती राज विभाग के मुताबिक 16 जिलों में जिला पंचायत वार्डों की संख्या घट गई है. सबसे ज्यादा 5 वार्ड देवरिया में, मुजफ्फरनगर और गाजियाबाद में 3-3 वार्ड खत्म हुए हैं. इसके अलावा कुशीनगर, आजमगढ़, गोंडा, अयोध्या समेत कई जिलों में भी वार्ड कम हो गए हैं.
495 ग्राम पंचायतों का अस्तित्व खत्म
इसके साथ ही इस नए परिसीमन का असर ग्राम पंचायतों पर भी पड़ा है. साल 2021 की बात करें तो तब राज्य में 58,189 ग्राम पंचायतें थीं, जो अब घटकर 57,694 रह गई हैं. जिसका साफ मतलब है कि 495 ग्राम पंचायतों का अस्तित्व खत्म हो चुका है. ऐसा अनुमान है कि इसके साथ ही करीब 4,600 ग्राम पंचायत सदस्य वार्ड भी कम हो गए हैं. बता दें कि परिसीमन की ये पूरी प्रक्रिया अगस्त में ही खत्म हो गई थी.
इसे भी पढ़ें : Ram Mandir के दर्शन को जा रहे हैं तो इस खबर को जरुर जान लें, नहीं तो टूट जायंगे अरमान!
विभाग जल्द ही राज्य निर्वाचन आयोग को सौंपेगा रिपोर्ट
पंचायती राज विभाग द्वारा अपनी अंतिम रिपोर्ट जल्द ही राज्य निर्वाचन आयोग को सौंप दी जाएगी. इस रिपोर्ट में जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत और ग्राम पंचायतों से संबंधित सभी नए आंकड़े शामिल किए गए हैं. जिसके बाद इसी रिपोर्ट के आधार पर आगामी वर्ष में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव कराए जाएंगे. दूसरी तरफ शहरी सीमा विस्तार के बाद अब चुनावी तैयारी का अगला चरण शुरू हो चुका है.