
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 9 सीटों के बंटवारे से खासे असंतुष्ट बताए जा रहे हैं। जदयू ने इन सीटों को “अस्वीकार्य” बताते हुए भाजपा से पुनर्विचार की मांग की है। विवाद को शांत करने के लिए अब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह खुद पटना आने की संभावना है, ताकि वे नीतीश कुमार से मुलाकात कर मामले को सुलझा सकें।
जदयू के लिए 103 सीटें फाइनल की थीं
सूत्रों के अनुसार अमित शाह मंगलवार को पटना पहुंच सकते हैं, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। सूत्र बताते हैं कि नीतीश कुमार ने पहले ही जदयू के लिए 103 सीटें फाइनल की थीं, लेकिन एनडीए में बंटवारे के दौरान पार्टी को केवल 101 सीटें ही मिलीं। इनमें से 9 सीटें ऐसी हैं जिन्हें मुख्यमंत्री ने स्वीकार करने से इनकार कर दिया है
बताया जाता है कि इनमें से कई सीटें पहले लोजपा (रामविलास) के खाते में दी गई थीं, जिससे जदयू असंतुष्ट है। नीतीश कुमार चाहते हैं कि जिन इलाकों से उनकी पार्टी परंपरागत रूप से मजबूत रही है, वहां से उम्मीदवार वही पार्टी उतारे।
शीर्ष नेतृत्व से सीधे बातचीत करने का निर्देश
इस विवाद के बाद जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा के आवास पर देर रात भाजपा और जदयू नेताओं की मैराथन बैठक हुईं। अंदरखाने चल रही चर्चाओं के अनुसार, नीतीश कुमार ने अपने नेताओं को भाजपा शीर्ष नेतृत्व से सीधे बातचीत करने का निर्देश दिया है। इस बीच सोनबरसा सीट का मामला सुर्खियों में है। यहां से जदयू विधायक और मंत्री रत्नेश सदा को पार्टी ने दोबारा टिकट दिया है, जबकि इस सीट को पहले NDA की साझा लिस्ट में लोजपा रामविलास के खाते में बताया जा रहा था।