Big relief for Hooda: हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को पंचकूला के AJL प्लॉट आवंटन मामले में बड़ी राहत मिली है। विशेष CBI कोर्ट ने उनके खिलाफ सभी आरोप खारिज कर दिए हैं। इस फैसले के साथ ही वरिष्ठ कांग्रेस नेता मोतीलाल वोरा को भी आरोपमुक्त कर दिया गया है। अदालत का यह निर्णय पहले आए हाईकोर्ट के आदेश के बाद आया, जिसमें पर्याप्त सबूतों की कमी बताई गई थी।
हाईकोर्ट के फैसले के बाद मिला फायदा
पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट ने पहले ही इस मामले में आरोप तय करने के आदेश को रद्द कर दिया था। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान पाया कि अभियोजन पक्ष के पास ऐसे ठोस साक्ष्य नहीं हैं, जो आपराधिक मुकदमा चलाने के लिए जरूरी हों। इसी आधार पर आगे की कार्यवाही को अनुचित माना गया।
क्या था पूरा मामला
यह केस पंचकूला के सेक्टर-6 में स्थित करीब 3,360 वर्ग मीटर के सरकारी भूखंड के आवंटन से जुड़ा था। जांच एजेंसी केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) का आरोप था कि यह प्लॉट एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) को बाजार मूल्य से काफी कम कीमत पर दिया गया, जिससे सरकारी खजाने को नुकसान हुआ।
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CBI की जांच और आरोप
CBI ने इस मामले में 27 जनवरी 2017 को केस दर्ज किया था और 1 दिसंबर 2018 को चार्जशीट दाखिल की थी। एजेंसी के मुताबिक, लगभग 64.93 करोड़ रुपये की कीमत वाले प्लॉट को महज करीब 69 लाख रुपये में आवंटित किया गया था। इस मामले में हुड्डा के अलावा हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSV P) के कुछ अधिकारियों को भी आरोपी बनाया गया था।
आगे का संदेश
कोर्ट से राहत मिलने के बाद भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि उन्हें पहले से ही न्यायपालिका पर भरोसा था। इस फैसले को उनके लिए बड़ी कानूनी जीत माना जा रहा है। वहीं, राजनीतिक हलकों में भी इस निर्णय के दूरगामी असर पर चर्चा शुरू हो गई है।