
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर निर्वाचन आयोग ने आखिरकार चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है. मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने सोमवार शाम 4 बजे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस पूरे चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की. बता दें कि इस बार राज्य में केवल दो चरणों में मतदान संपन्न कराया जाएगा, जो कि बिहार के इतिहास में पहली बार होगा.
दो चरणों में कराए जाएंगे मतदान
पहला चरण 6 नवंबर को होगा, जिसमें 121 विधानसभा सीटों पर मतदान होगा. जबकि दूसरा चरण 11 नवंबर को आयोजित किया जाएगा, जिसमें 122 सीटों पर वोटिंग होगी. सभी सीटों के लिए मतगणना 14 नवंबर को की जाएगी. बिहार की कुल 243 विधानसभा सीटों में से 203 सामान्य, 38 अनुसूचित जाति (SC) और 2 अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए आरक्षित हैं.
इस बार बिहार में कुल 7.43 करोड़ मतदाता
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने इस दौरान बताया कि बिहार में इस बार कुल 7.43 करोड़ मतदाता हैं, जिनमें से 14 लाख प्रथम बार मतदान करने वाले युवा वोटर हैं. आयोग ने SIR (Systematic Information Revision) प्रक्रिया के बाद 30 सितंबर को अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी है.
मतदान व्यवस्था में किया गया बदलाव
इस बार हर पोलिंग स्टेशन पर अधिकतम 1200 मतदाता ही होंगे. जिससे कि हर पोलिंग बूथ पर भीड़ कम होगी और मतदान प्रक्रिया सुचारू रहेगी. इसके चलते राज्य में पोलिंग स्टेशनों की संख्या भी बढ़ा दी गई है. इसके साथ ही हर मतदान केंद्र पर 100 फीसदी वेबकास्टिंग की जाएगी, ताकि पूरी प्रक्रिया की निगरानी डिजिटल रूप से हो सके.
डिजिटल प्लेटफॉर्म और नई तकनीक
इतना ही नहीं निर्वाचन आयोग ने इस बार एक “डिजिटल नेटवर्क वन प्लेटफॉर्म” तैयार किया है. जिसमें सभी चुनावी ऐप और मॉनिटरिंग टूल्स को जोड़ा गया है. वहीं मतदान केंद्रों पर मतदाताओं को मोबाइल जमा कराना अनिवार्य होगा, जिसे मतदान के बाद ही वापस लिया जा सकेगा. इस बार ईवीएम पर उम्मीदवारों की रंगीन तस्वीरें और बड़ा फॉन्ट होगा, ताकि वोटरों के लिए पहचान आसान हो सके.
जिलों के अनुसार मतदान
पहले चरण में 6 नवंबर को पटना, भोजपुर, बक्सर, बेगूसराय, वैशाली, सारण, सीवान, गोपालगंज, समस्तीपुर, दरभंगा, मधेपुरा जैसे जिलों में वोटिंग होगी.
दूसरे चरण में 11 नवंबर को गया, औरंगाबाद, रोहतास, नवादा, भागलपुर, मधुबनी, अररिया, कटिहार, किशनगंज, पश्चिमी और पूर्वी चंपारण सहित अन्य जिलों में मतदान कराया जाएगा.
चुनाव आयोग ने कीं 17 नई पहलें
इस बार चुनाव आयोग ने पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाने के लिए 17 नई पहलें की हैं, जिनमें से कुछ प्रमुख हैं:
BLO और BLA की विशेष ट्रेनिंग
मतदाता सूची का SIR प्रक्रिया से अद्यतन
एक पोलिंग स्टेशन पर अधिकतम 1200 मतदाता
ईवीएम पर उम्मीदवारों के कलर फोटोग्राफ
पोस्टल बैलेट की गिनती दूसरे राउंड से पहले पूरी की जाएगी
फॉर्म 17C और EVM डेटा में अंतर होने पर VVPAT की अनिवार्य गिनती
पोलिंग स्टेशन से 100 मीटर के अंदर प्रत्याशी सहायता केंद्र की अनुमति
शांतिपूर्ण और पारदर्शी चुनाव का वादा
इस दौरान मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि इस बार का चुनाव बिहार के इतिहास में सबसे सुगम, शांतिपूर्ण और पारदर्शी होगा. आयोग ने सभी राजनीतिक दलों और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारी पूरी कर ली है. उन्होंने मतदाताओं से लोकतंत्र के इस पर्व में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की.
इसके साथ ही मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने भोजपुरी और मैथिली में मतदाताओं का अभिवादन करते हुए कहा कि “बिहार एक बार फिर पूरे देश को लोकतंत्र की ताकत दिखाएगा.”