प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां के खिलाफ की गई आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर बिहार की राजनीति गरमा गई है। इस बयान से नाराज भाजपा और एनडीए कार्यकर्ता गुरुवार को सड़कों पर उतर आए और बिहार बंद का ऐलान कर दिया। कैमूर से लेकर नालंदा तक जगह-जगह एनडीए समर्थकों ने सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। कई बाजार बंद कराए गए और विरोध मार्च भी निकाला गया। इस दौरान जाम की वजह से आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
एनडीए कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे
नालंदा जिले के रहुई प्रखंड के पतासंग गांव के पास NH-20 पर सैकड़ों भाजपा कार्यकर्ताओं ने जाम लगाया। यहां गाड़ियों की लंबी कतार लग गई और यात्री फंसे रहे। कार्यकर्ताओं ने जोरदार नारेबाजी की— “राहुल गांधी मुर्दाबाद”, “तेजस्वी यादव मुर्दाबाद” और “मां का अपमान नहीं सहेंगे”।
महिला और युवा मोर्चा का नेतृत्व
विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व महिला मोर्चा अध्यक्ष सीता देवी, मंडल अध्यक्ष बिट्टू सिंह, युवा जिला उपाध्यक्ष राजवीर सिंह, पूर्व मंडल अध्यक्ष मनोज सिंह और महामंत्री रवि रंजन पांडेय ने किया। नेताओं ने कहा कि पीएम की मां के लिए अभद्र भाषा का इस्तेमाल असहनीय है और विपक्ष को तुरंत माफी मांगनी चाहिए।
कैमूर में जाम से परेशान यात्री
कैमूर जिले में भी एनडीए कार्यकर्ताओं ने दुर्गावती और मोहनिया चांदनी चौक पर सड़क जाम किया। हजारों गाड़ियां फंस गईं और यात्री परेशान होते रहे। एनडीए नेताओं ने आरोप लगाया कि विपक्ष सत्ता पाने के लिए गलत राजनीति का सहारा ले रहा है, जो जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी।
एम्बुलेंस को मिली छूट, लेकिन बाकी वाहन रुके
भाजपा नेताओं ने बताया कि बंद के दौरान एम्बुलेंस और मरीजों को जाने दिया गया, लेकिन बाकी वाहनों को रोककर विरोध दर्ज कराया गया। एनडीए ने साफ कहा कि राजनीति मुद्दों पर होनी चाहिए, न कि परिवार और निजी मामलों पर।