बिहार में चुनावी जीत के बाद सरकार गठन की गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में बुधवार को भारतीय जनता पार्टी ने अपने विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें सम्राट चौधरी को सर्वसम्मति से भाजपा विधायक दल का नेता चुना गया। इसके साथ ही विजय कुमार सिन्हा को उप नेता की जिम्मेदारी दी गई। बैठक का माहौल बेहद उत्साहपूर्ण रहा और नवनिर्वाचित विधायकों ने तालियों की गड़गड़ाहट के बीच दोनों नेताओं के नाम पर सहमति जताई। इस बैठक में यूपी के उपमुख्यमंत्री और बिहार बीजेपी पर्यवेक्षक केशव प्रसाद मौर्य, सांसद साध्वी निरंजन ज्योति, केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे।
केशव मौर्य ने जताई खुशी
बैठक के बाद केशव प्रसाद मौर्य मीडिया से रूबरू हुए और सम्राट चौधरी को विधायक दल का नेता बनाए जाने पर खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि सम्राट चौधरी के नाम का प्रस्ताव रखा गया, जिसे सभी विधायकों ने पूरी तरह समर्थन दिया। वहीं विजय सिन्हा को वरिष्ठ और योग्य नेता बताते हुए मौर्य ने कहा कि उप नेता के रूप में उनके नाम पर भी सर्वसम्मति बनी। उन्होंने कहा कि भाजपा के दोनों नेता आने वाले समय में बेहतर काम करेंगे और गठबंधन सरकार को स्थिरता व मजबूती देंगे। मौर्य के बयान से साफ झलक रहा था कि पार्टी नेतृत्व नए समीकरणों से काफी संतुष्ट है।
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JDU ने फिर भरोसा जताया नीतीश पर
दूसरी तरफ, जेडीयू ने भी अपने विधायक दल की बैठक की, जिसमें नीतीश कुमार को सर्वसम्मति से दल का नेता चुन लिया गया। दोनों दलों में नेतृत्व तय होने के बाद अब एनडीए स्तर पर संयुक्त रणनीति बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। दोपहर 3 बजे विधानसभा के सेंट्रल हॉल में एनडीए की संयुक्त बैठक बुलाई गई है, जहां नीतीश कुमार को एनडीए विधायक दल का नेता चुना जा सकता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस संयुक्त बैठक के बाद मुख्यमंत्री पद, मंत्रिमंडल गठन और विभागों के बंटवारे को लेकर बड़े फैसले सामने आ सकते हैं।
नीतीश 10वीं बार लेंगे शपथ, मोदी होंगे मौजूद
बिहार में नई सरकार के गठन को लेकर तैयारी अब अंतिम चरण में है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार गुरुवार 20 नवंबर को गांधी मैदान में 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं। कार्यक्रम सुबह 11:30 बजे शुरू होगा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस ऐतिहासिक मौके पर मौजूद रहेंगे। इससे पहले गृह मंत्री अमित शाह बुधवार शाम ही पटना पहुंचेंगे। यानी बिहार की राजनीति एक बार फिर नए अध्याय में प्रवेश करने जा रही है, और भाजपा की ओर से सम्राट चौधरी व विजय सिन्हा का चयन इस राजनीतिक समीकरण को और मजबूती देगा।