बिहार की राजनीति में मंगलवार का दिन बेहद अहम रहा, जब बीजेपी के वरिष्ठ नेता प्रेम कुमार का विधानसभा स्पीकर बनना लगभग तय हो गया। विपक्ष ने आरोप लगाया कि बीजेपी ने जेडीयू से गृह विभाग के साथ-साथ स्पीकर का पद भी अपने पास ले लिया है। हालांकि, जेडीयू मंत्री और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीबी विजय कुमार चौधरी ने इन दावों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि “स्पीकर पद कभी हमारा था ही नहीं, जो ले लिया गया हो।”
स्पीकर पद पर प्रेम कुमार की ताजपोशी तय
बीजेपी के अनुभवी नेता और गया शहर के नौ बार विधायक रह चुके डॉ. प्रेम कुमार ने सोमवार को नामांकन दाखिल किया था। चूंकि विपक्ष ने कोई उम्मीदवार नहीं उतारा, इसलिए उनका निर्विरोध निर्वाचन तय माना जा रहा है।एनडीए के पास विधानसभा में स्पष्ट बहुमत होने से सत्ता पक्ष पूरी तरह आश्वस्त है कि अब सदन संचालन का दारोमदार प्रेम कुमार के हाथों में होगा।
जेडीयू का जवाब—“स्पीकर पद कभी हमारा था ही नहीं”
जब मीडिया ने पूछा कि क्या बीजेपी ने जेडीयू से गृह विभाग और स्पीकर पद छीन लिया, तो मंत्री विजय कुमार चौधरी ने जवाब दिया—“स्पीकर पद कब था हमारा? ये बातें भ्रामक हैं। गृह विभाग पर ही जोर दिया जा रहा है, पर किसी ने यह नहीं बताया कि वित्त और वाणिज्य कर जैसे बेहद अहम विभाग अब हमारे पास हैं। वित्त से महत्वपूर्ण कौन-सा विभाग होता है?”
नामांकन के दौरान दिखी NDA की एकजुटता
स्पीकर पद के लिए नामांकन प्रक्रिया के दौरान एनडीए की मजबूत एकजुटता खुलकर सामने आई। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा, जेडीयू के वरिष्ठ नेता विजय कुमार चौधरी सहित राजग की सभी सहयोगी पार्टियों के विधायक और मंत्री मौजूद रहे।
नामांकन विधानसभा सचिव के कक्ष में संपन्न हुआ, जहां पूरे माहौल से यह स्पष्ट था कि सत्ता गठबंधन स्पीकर चुनाव को लेकर पूरी तरह एकमत है।
बीजेपी में प्रेम कुमार की मजबूत पकड़
डॉ. प्रेम कुमार बिहार बीजेपी के सबसे वरिष्ठ और प्रभावशाली नेताओं में से एक हैं। गया शहर से लगातार नौ बार जीत दर्ज कर उनका राजनीतिक कद बहुत बड़ा माना जाता है। पार्टी और गठबंधन दोनों ही उनके अनुभव को विधानसभा संचालन के लिए महत्वपूर्ण मानते हैं।