बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तैयारियां जोरों पर हैं। इस बार मध्य प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की भागीदारी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बिहार में लगातार दौरे करेंगे और यादव समुदाय समेत अन्य ओबीसी वर्ग को साधने की रणनीति पर काम करेंगे। मंत्रियों और विधायकों को भी विशेष जिम्मेदारियां दी जाएंगी। बीजेपी बिहार में सशक्त चुनावी अभियान के लिए पूरी तैयारी में जुट गई है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के बिहार दौरे
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव यादव समाज से जुड़े होने के कारण बिहार में यादव वोट बैंक को साधने में पार्टी के लिए विशेष भूमिका निभा रहे हैं। हाल ही में भोपाल में आयोजित अखिल भारतीय यादव महासभा के कार्यक्रम में उन्होंने यादव समाज के लोगों को सामाजिक एकता का संदेश दिया और आगामी बिहार विधानसभा चुनाव में सक्रिय भूमिका निभाने की बात कही। इसके अलावा, वे लगातार बिहार दौरे करेंगे। इस दौरान सांसद, विधायक, पूर्व नेता और प्रदेश पदाधिकारी भी उनके साथ रणनीति पर चर्चा करेंगे।
मंत्री-विधायकों को मिलेगी बड़ी जिम्मेदारी
बीजेपी प्रदेश नेतृत्व ने मंत्रियों और विधायकों को विशेष जिम्मेदारियां सौंपने की योजना बनाई है। ये जिम्मेदारियां यादव समाज के नेताओं व कार्यकर्ताओं से मिलकर पार्टी के चुनावी अभियान को मजबूती देने की रहेंगी। खासकर, जातीय जनगणना के आंकड़ों के बाद पार्टी ने यादव समाज की आबादी को ध्यान में रखते हुए नए रणनीति पर काम शुरू कर दिया है, ताकि आरजेडी के पारंपरिक वोट बैंक में सेंध लगाई जा सके।
बिहार में चुनावी माहौल
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 अक्टूबर-नवंबर में होने हैं। वर्तमान में नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार सत्ता में है, लेकिन महागठबंधन भी चुनौती दे रहा है। बीजेपी को मप्र की सक्रिय भागीदारी से अपेक्षा है कि यादव समुदाय के साथ-साथ अन्य ओबीसी वर्ग को जोड़कर व्यापक समर्थन हासिल किया जाएगा। इस चुनावी जंग में मध्य प्रदेश की भूमिका निर्णायक बनती जा रही है।