बिहार विधानसभा चुनाव 2025 जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं, कांग्रेस ने अपनी चुनावी रणनीति में मध्यप्रदेश इकाई को भी सक्रिय कर दिया है। एमपी कांग्रेस अब जातिगत समीकरण साधने और मुस्लिम वोट बैंक को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है। पार्टी ने ओबीसी, एससी, एसटी और अल्पसंख्यक वर्गों को साधने के लिए नेताओं को बिहार भेजने की तैयारी शुरू कर दी है। चुनावी समीकरण को देखते हुए बड़े नेताओं की फाइनल सूची जल्द एआईसीसी द्वारा जारी की जाएगी।
बिहार में एमपी कांग्रेस की एंट्री, बढ़ी चुनावी हलचल
बिहार में चुनावी माहौल बनते ही मध्यप्रदेश कांग्रेस ने वहां अपने प्रभावी नेताओं की तैनाती शुरू कर दी है। पार्टी ने हर जिले से 10-10 कार्यकर्ताओं को भेजा है ताकि संगठनात्मक स्तर पर मजबूती लाई जा सके। कांग्रेस की योजना है कि जमीनी स्तर पर प्रचार के साथ-साथ वोट बैंक की सामाजिक संरचना को भी साधा जाए। इस मिशन में एमपी कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता शामिल किए जा रहे हैं।
जीतू पटवारी से लेकर उमंग सिंघार तक—नेताओं की तैयार तैनाती सूची
पार्टी सूत्रों के अनुसार, एमपी कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव, विधायक कमलेश्वर पटेल, सचिन यादव, ओमकार मरकाम और आरिफ मसूद को बिहार चुनाव में प्रचार अभियान की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। इसके अलावा मप्र प्रभारी हरीश चौधरी को बिहार के खगड़िया जिले का पर्यवेक्षक बनाया गया है। वहीं कांग्रेस नेता आशीष तिवारी को वहां का समन्वयक नियुक्त किया गया है और उन्हें तत्काल चुनावी क्षेत्र में पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं।
ओबीसी और मुस्लिम वोट बैंक साधने की रणनीति
कांग्रेस का फोकस इस बार जातिगत समीकरणों को सही संतुलन में रखने पर है। पार्टी ओबीसी, एससी, एसटी और मुस्लिम समुदाय के प्रभावशाली वोट बैंक को अपने पक्ष में करने की कोशिश में है। इसी रणनीति के तहत कांग्रेस नेता आरिफ मसूद को मुस्लिम बहुल इलाकों की जिम्मेदारी दी जा रही है। वहीं प्रियव्रत सिंह, पंकज उपाध्याय और अनुपमा आचार्य को विशेष पर्यवेक्षक बनाया गया है, जो सामाजिक समरसता के साथ वोट जुटाने की दिशा में काम करेंगे।