बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर भले ही तारीखों का आधिकारिक ऐलान अभी ना हुआ हो, लेकिन राजनीतिक गलियारों में गर्मी पहले से ही बढ़ गई है। हर दल अपनी रणनीति को अंतिम रूप देने में जुट गया है और प्रचार का बिगुल भी बजने लगा है।
बीजेपी ने तय की चुनावी टीम
भारतीय जनता पार्टी ने चुनाव से पहले अपनी चुनावी टीम तय कर दी है। इसके लिए केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को बिहार चुनाव का प्रभारी बनाया गया है। वहीं गुजरात बीजेपी अध्यक्ष सीआर पाटिल और उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को सह-प्रभारी की ज़िम्मेदारी सौंपी गई है। बीजेपी का मानना है कि इन नेताओं का अनुभव और संगठनात्मक पकड़ चुनावी समीकरणों को मज़बूत करने का काम करेगी।
चुनाव आयोग की हलचल
सूत्रों के मुताबिक चुनाव आयोग 6 अक्टूबर के आसपास बिहार चुनाव की तारीखों का ऐलान कर सकता है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के बिहार दौरे से पहले ही राज्य सरकार को सभी तबादलों और पदस्थापनाओं की प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया गया है। आयोग की तैयारी से साफ है कि चुनावी बिगुल बजने ही वाला है।
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बिहार की 243 सीटों पर टक्कर
बिहार विधानसभा में कुल 243 सीटें हैं और इस बार का चुनाव सीधा मुकाबला एनडीए बनाम महागठबंधन के बीच होने जा रहा है। 2020 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एनडीए के साथ रहते हुए सत्ता पर कब्ज़ा किया था लेकिन इस बार समीकरण अलग हैं और जनता भी नए उत्साह के साथ अपने विकल्पों पर विचार कर रही है।
दलों ने शुरू किया जनसंपर्क
वहीं चुनावी तारीखों से पहले ही सभी दल मैदान में उतर चुके हैं। एनडीए और इंडिया गठबंधन के नेता गांव-गांव और शहर-शहर जाकर मतदाताओं से जुड़ रहे हैं। रैलियों, सभाओं और रोड शो का दौर पहले ही शुरू हो चुका है। नेताओं के बीच बयानबाज़ी भी अब तेज़ हो गई है। एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप के जरिए माहौल को गर्माने की कोशिश जारी है। चुनावी मुकाबला जितना राजनीतिक दलों के लिए चुनौती है, उतना ही जनता के लिए उम्मीदों का नया दौर भी।