
बिहार विधानसभा चुनाव की घोषणा को तीन दिन हो चुके हैं, लेकिन एनडीए और महागठबंधन में सीटों के बंटवारे पर अभी तक कोई अंतिम सहमति नहीं बन पाई है। सभी दल अपने-अपने हिस्से को लेकर सख़्त मोलभाव में लगे हैं।
चिराग बिल्कुल नाराज नहीं
बिहार चुनाव का एलान हुआ तीन दिन हो गए - लेकिन बिहार के सभी गठबंधन में सीट शेयरिंग को लेकर पेच फंसा हुआ है। एनडीए में चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी और जीतन राम मांझी की हम पार्टी अपनी मांगों पर अड़े हैं। बीजेपी अपने सहयोगी चिराग को मनाने के लिए वरिष्ठ नेता नित्यानंद राय को जिम्मेदारी दे चुकी है। सूत्रों के मुताबिक नित्यानंद राय ने आज चिराग की मां से मुलाकात की और कहा कि चिराग बिल्कुल नाराज नहीं हैं।
चिराग पासवान फिलहाल 30 से ज्यादा सीटों की मांग पर अड़े हुए हैं। हालांकि उन्होंने कहा है कि बातचीत जारी है और वे अपनी मंत्री जिम्मेदारियों पर भी ध्यान दे रहे हैं। दूसरी ओर, नाराज चल रहे जीतन राम मांझी को मनाने के लिए बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी सीधे बातचीत की है।
सीटों का समीकरण अभी तय नहीं हो पाया
वही विपक्षी महागठबंधन में भी सीटों का समीकरण अभी तय नहीं हो पाया है। कांग्रेस इस बार 2020 की तुलना में ‘जिताऊ सीटों’ पर नज़र गड़ाए हुए है और आरजेडी के साथ सख़्त मोलभाव कर रही है। सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस को लगभग 55 सीटें मिल सकती हैं और उम्मीदवारों के नाम फाइनल होने वाले हैं।
नीतीश कुमार की जेडीयू राज्य में लगभग 102 सीटों पर चुनाव लड़ सकती है और 30 सीटों के उम्मीदवार चयनित हो चुके हैं। इस बार पार्टी कुछ मौजूदा विधायकों के टिकट भी काट सकती है। कुल मिलाकर, बिहार चुनाव से पहले सीट बंटवारे का समीकरण बेहद पेचीदा है और आने वाले दिनों में ही तय होगा कि दोनों गठबंधन किस फार्मूले के साथ मैदान में उतरेंगे।