बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारियां जोर पकड़ चुकी हैं और इस बार मैदान में मध्यप्रदेश का भी दम दिखाई देगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव चुनाव प्रचार में बड़ी भूमिका निभाने वाले हैं। वे बिहार में जनसभा, रोड शो और कार्यकर्ता बैठकों के माध्यम से पार्टी के पक्ष में माहौल बनाएंगे। यही नहीं, चुनावी रणनीति के तहत मध्यप्रदेश के कई मंत्री और विधायक भी बिहार भेजे जाएंगे। उन्हें अलग-अलग विधानसभाओं का प्रभारी बनाकर जीत की जिम्मेदारी दी जाएगी।
सीएम डॉ. मोहन यादव का चुनावी दौरा
चुनाव प्रचार अभियान में सीएम डॉ. मोहन यादव की भूमिका बेहद अहम रहने वाली है। वे बिहार में रोड शो और जनसभाओं को संबोधित करेंगे। साथ ही कार्यकर्ता बैठकों में संगठन को मजबूत करने का काम करेंगे। इससे चुनावी समीकरण पर बड़ा असर पड़ने की संभावना है।
मंत्रियों को मिलेगी बड़ी जिम्मेदारी
चुनावी रणनीति के तहत मध्यप्रदेश के कई मंत्रियों को बिहार की विधानसभाओं का प्रभारी बनाया जाएगा। वे स्थानीय नेताओं के साथ मिलकर प्रचार की कमान संभालेंगे। इस दौरान संगठनात्मक स्तर पर बूथ प्रबंधन से लेकर जनसंपर्क तक की रणनीति पर भी काम किया जाएगा।
विधायकों को सौंपी जाएगी जिम्मेदारी
सिर्फ मंत्री ही नहीं बल्कि मध्यप्रदेश के विधायक भी बिहार चुनाव में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। उन्हें अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों की जिम्मेदारी दी जाएगी, जहां वे मतदाताओं तक पहुंचकर पार्टी का संदेश पहुंचाएंगे।
संगठन झोंकेगा पूरी ताकत
मध्यप्रदेश का संगठन बिहार चुनाव में पूरी ताकत लगाने की तैयारी कर चुका है। प्रदेश पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी वहां जाकर चुनावी अभियान में शामिल होंगे। इससे पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूती मिलने की उम्मीद है।