बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में अब प्रचार अपने चरम पर पहुंच गया है। शुक्रवार को एनडीए गठबंधन ने पटना में अपना संयुक्त ‘संकल्प पत्र’ जारी किया, जिसमें विकास, रोजगार और औद्योगिकीकरण पर विशेष जोर दिया गया है। डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि अगले पांच वर्षों में बिहार को औद्योगिक हब बनाने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं, पीएम मोदी, नीतीश कुमार और अन्य नेताओं की जनसभाओं से माहौल गर्म है, जबकि विपक्ष ने भी मोर्चा संभाल लिया है।
एनडीए का फोकस विकास और रोजगार पर
संकल्प पत्र में एनडीए ने वादा किया है कि बिहार में निवेश को बढ़ावा देने के लिए नई औद्योगिक नीति लागू की जाएगी। युवाओं को स्वरोजगार के अवसर दिए जाएंगे और प्रदेश में नए उद्योग स्थापित किए जाएंगे। डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार की आर्थिक ताकत को नई दिशा देने के लिए यह चुनाव महत्वपूर्ण है।
किसानों के लिए नई योजना की घोषणा
किसानों के लिए ‘कर्पूरी ठाकुर किसान सम्मान निधि’ योजना की घोषणा की गई है। इसके तहत राज्य के किसानों को 3,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। यह योजना किसानों की आय बढ़ाने और खेती को लाभकारी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की चुनावी सभाएं
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार दरभंगा और समस्तीपुर में चुनावी सभाएं कर रहे हैं। उनके साथ जदयू के वरिष्ठ नेता और एनडीए के सहयोगी भी मौजूद हैं। सभाओं में उन्होंने कहा कि बिहार के हर जिले में विकास के कामों को गति दी जाएगी और नए उद्योगों के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत किया जाएगा।
विपक्ष का पलटवार और राजनीतिक गर्मी
वहीं, विपक्ष ने एनडीए के वादों को छलावा बताया है। तेजस्वी यादव ने समस्तीपुर की सभा में कहा कि बिहार को सिर्फ घोषणाओं की नहीं, ठोस काम की जरूरत है। लगातार बढ़ती राजनीतिक गतिविधियों और जनसभाओं के चलते बिहार का चुनावी माहौल और भी गर्म होता जा रहा है।