सुंदर चंदेल/ नई दिल्ली
Bihar Chunav Result 2025: बिहार विधानसभा चुनाव संपन्न हो गए है. जिसके बाद सामने आए एग्जिट पोल्स के अनुमानों ने हर सियासी खेमे की बेचैनी बढ़ा दी है. एनडीए के नेता एग्जिट पोल्स के अनुमान से जहां संतुष्ट नजर नहीं आ रहे हैं. वहीं एनडीए को 200 से अधिक सीटें मिलने का अनुमान जताया जा रहा है. डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी का दावा है कि 2010 का रिकॉर्ड इस बार टूट जाएगा. दूसरी तरफ महागठबंधन के नेता तो सिरे से एग्जिट पोल को खारिज कर रहे हैं. हालांकि अब कयायों का दौर खत्म हो गया है.. आज सुबह 8 बजे से ही रूझान आने शुरू हो जाएंगे...साथही इग्जैट पोल भी सामने आ जाएग..
प्रशांत किशोर ने सभी अनुमानों को किया खारिज
जन सुराज पार्टी के प्रमुख प्रशांत किशोर तो सभी अनुमानों को झटके में खारिज कर देते हैं. वे अब भी अपने उस दावे पर टिके हुए हैं कि जेडीयू को इस बार 25 से अधिक सीटें आईं तो वे राजनीति छोड़ देंगे.इसके साथ ही वे तो पहले से भी कहते चले आ रहे हैं कि एनडीए की सरकार नहीं बनेगी और नीतीश कुमार दोबारा मुख्यमंत्री नहीं बनेंगे. वैसे प्रशांत किशोर भले कहें कि चुनावी रणनीतिकार के रूप में उनके सभी दावे असलियत में बदले, लेकिन यह भी एक सच है कि 2024 के लोकसभा चुनाव में उनके दावे फेल हो गए थे.
तेजस्वी को सीएम पद की शपथ लेने की लगी आस
वहीं इस चुनाव के वास्तविक नतीजे का अनुमान आप इस बात से भी लगा सकते हैं कि महिलाओं पर किसने कितना प्रभाव डाला है. यह ज्यादा वैज्ञानिक भी होगा. महागठबंधन को अपनी ताकत पर संदेह नहीं है. तेजस्वी का दावा है कि उन्हें चुनाव बाद जो फीडबैक मिले हैं, उससे उन्हें पक्का यकीन हो गया है कि महागठबंधन की सीटें पिछली बार से अधिक रहेंगी. इसके साथ ही एग्जिट पोल के अनुमान को वे सिरे से खारिज कर रहे हैं. दूसरी तरफ तेजस्वी को अब भी पूरी उम्मीद है कि वे 18 नवंबर को सीएम पद की शपथ लेने वाले हैं. .
EC के आंकड़ों पर भी फरमाएं गौर
दूसरी तरफ चुनाव आयोग के अंतिम आंकड़ों के मुताबिक बिहार में कुल महिला वोटर की संख्या लगभग 3.50 करोड़ है. यह आंकड़ा चुनाव आयोग द्वारा अक्टूबर 2025 में घोषित मतदाता सूची पर आधारित है, जिसमें कुल मतदाताओं की संख्या करीब 7.43 करोड़ थी. इनमें पुरुष 3.92 करोड़, महिलाएं 3.50 करोड़ और थर्ड जेंडर 1,725 हैं. बिहार विधानसभा चुनाव 6 और 11 नवंबर को दो चरणों में संपन्न हुए हैं. चुनाव में महिलाओं का मतदान 71.6 प्रतिशत रहा, जो पुरुषों 62.8 प्रतिशत से अधिक है. इस आधार पर महिलाओं के कुल पड़े वोट लगभग 2.51 करोड़ होते हैं. महिलाओं के मुकाबले पुरुषों के इस बार 2.97 करोड़ वोट पड़े हैं. महिलाओं से यह संख्या 46 लाख अधिक होती है.
महिलाओं के लिए नीतीश के कई काम
देखा जाए तो नीतीश कुमार ने महिलाओं के लिए जितने काम किए हैं, देश के किसी भी राज्य ने अब तक उसकी बराबरी नहीं हो सकी है. ये नीतीश का विजन ही था कि वे पिछले 20 सालो से महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए लगातार काम कर रहे हैं. पहले पंचायत और निकाय चुनावों में महिलाओं को लिए आधी सीटें रिजर्व की गई. फिर उन्हें नौकरियों में 35 प्रतिशत आरक्षण दिलाया.
1.40 करोड़ जीविका दीदियां बिहार में सक्रिय
इसके बाद महिलाओं के लिए नीतीश ने जीविका दीदी की अवधारणा पर काम शुरू किया. जिसकी वजह से आज करीब 1.40 करोड़ जीविका दीदियां बिहार में सक्रिय हैं. चुनावी साल में नीतीश ने एक और दूरगामी कदम उठाते हुए हर घर से एक महिला को 10 हजार रुपए देने की घोषणा की. जिसके चलते सवा करोड़ से अधिक महिलाओं के खाते में यह रकम पहुंच भी चुकी है. जबकि बाकी महिलाओं को यह रकम भेजी जानी अभी बाकी है. इस रकम का महिलाओं ने अगर अपने रोजगार में इस्तेमाल किया तो नीतीश ने और 2 लाख रुपए की मदद देने की घोषणा कर दी है. इतना ही नहीं बच्चियों की पढ़ाई के लिए नीतीश साइकिल-पोशाक और अन्य खर्च के पैसे देते रहे हैं. उन्हें वजीफा भी राज्य सरकार से मिलता है.
एनडीए की सरकार बनने की बड़ी वजह नीतीश के काम
ऐसे में महिलाओं ने नीतीश को नकार कर तेजस्वी के नाम पर वोट किए होगें, इस पर शायद ही किसी को भरोसा हो सके. अगर एग्जिट पोल में एनडीए की फिर से सरकार बनने का अनुमान लगाया जा रहा है तो इसकी यही बड़ी वजह है. खैर 14 को आने वाले नतीजे साबित कर देंगे कि महिलाएं नीतीश के साथ रहीं या तेजस्वी के वादों से उनकी ओर आकर्षित हो गई हैं.