राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता और बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने आगामी चुनावों को लेकर बड़ा संकेत दिया। उनसे जब यह पूछा कि क्या विपक्ष मिलकर चुनावों का बहिष्कार हो सकता है। इस पर तेजस्वी यादव ने कहा कि इस पर चर्चा हो सकती है। हम देखेंगे कि जनता क्या चाहती है और सभी की राय क्या होगी।
तेजस्वी का यह बयान ऐसे वक्त पर सामने आया है कि जब विपक्षी दलों के बीच एकजुटता और चुनावी रणनीति को लेकर लगातार मंथन हो रहा है। उन्होंने यह साफ किया कि जनता की भावना और सभी दलों की सामूहिक राय को प्राथमिकता दी जानी है। तेजस्वी यादव के इस बयान को लेकर विपक्ष की ओर से एक संभावित संख्या रणनीति के रूप में सामने देखा जा रहा है। उन्होंने साफ तौर पर यह नहीं कहा कि चुनाव का बहिष्कार होगा। मगर इसके विकल्प पर विचार की बात अहम कही है।
बहिष्कार भी एक बड़ा विकल्प
इस बयान से साफ हो गया कि आने वाले वक्त में विपक्ष की रणनीति में कोई बड़ा फैसला लिया जा सकता है। इसमें चुनाव बहिष्कार भी एक बड़ा विकल्प हो सकता है। तेजस्वी का यह बयान संकेत देता है कि आगामी चुनावों को लेकर विपक्षी दल सभी संभावनाओं पर गौर कर सकते हैं। इसमें बहिष्कार जैसा कदम भी शामिल होंगे।
कब होंगे चुनाव?
आपको बता दें कि बिहार विधानसभा चुनाव अक्टूबर–नवंबर 2025 में होने की संभावना है। वर्तमान सरकार विधानसभा का कार्यकाल 22 नवंबर 2025 को खत्म हो रहा है. फिलहाल बिहार में SIR का मामला काफी पीक पर है। चुनाव आयोग ने 28 जून 2025 से SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) प्रक्रिया का आरंभ किया। इसमें दस्तावेज सत्यापन और मतदाता सूची की समीक्षा को शामिल किया गया है। 1 अगस्त 2025 को प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। 30 सितंबर 2025 तक अंतिम सूची सामने आएगी।