Bihar government: बिहार में युवाओं को रोजगार देने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सभी विभागों, जिलाधिकारियों और पुलिस मुख्यालय को निर्देश दिया है कि 31 दिसंबर 2025 तक अपने-अपने विभागों में खाली पड़े पदों की पूरी सूची सामान्य प्रशासन विभाग को सौंप दें। सरकार जनवरी 2026 में पूरे वर्ष का भर्ती कैलेंडर जारी करेगी, जिसमें विज्ञापन जारी होने से लेकर परीक्षा और अंतिम परिणाम तक की स्पष्ट समय-सारणी होगी। इससे राज्य में भर्ती प्रक्रियाओं को एक तय ढांचे में लाने और देरी को खत्म करने का लक्ष्य रखा गया है।
1 करोड़ रोजगार का लक्ष्य
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि युवा रोजगार सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है। उन्होंने घोषणा की कि 2025 से 2030 के बीच राज्य में 1 करोड़ युवाओं को नौकरी या रोजगार अवसर देने का लक्ष्य तय किया गया है। नीतीश कुमार के मुताबिक, पिछली सरकार ने 2020 से 2025 के बीच 50 लाख युवाओं को नौकरी और रोजगार दिया था, और अब नई सरकार इसी गति को दोगुना करना चाहती है। उन्होंने भर्ती आयोगों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि किसी भी भर्ती प्रक्रिया को विज्ञापन से लेकर अंतिम परिणाम तक एक वर्ष से अधिक का समय नहीं लगना चाहिए।
राज्य में अधिक से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी और रोजगार मिले, ये शुरू से ही हमलोगों की प्राथमिकता रही है। सात निश्चय-2 के तहत वर्ष 2020-25 के बीच राज्य में 50 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी एवं रोजगार दिया गया है। अगले 5 वर्षों (2025-30) में हमलोगों ने 1 करोड़ युवाओं को नौकरी एवं…
— Nitish Kumar (@NitishKumar) November 27, 2025
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परीक्षाओं में पारदर्शिता और नई तैयारियाँ
सरकार ने कहा है कि परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी, पेपर लीक या अनियमितता पाए जाने पर दोषियों के खिलाफ फास्ट-ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलेगा। साथ ही, ऑनलाइन परीक्षाओं को तेज और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए राज्य में CBT (कंप्यूटर आधारित परीक्षा) सेंटरों की संख्या बढ़ाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर कहा कि बिहार के युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करना सरकार का संकल्प है और सभी परीक्षाएं समय पर तथा पारदर्शिता के साथ कराई जाएंगी, ताकि हर युवा को निष्पक्ष रूप से रोजगार के अवसर मिल सकें।