बिहार की राजनीति एक अहम मोड़ पर खड़ी है, जहां नए मुख्यमंत्री के नाम को लेकर सस्पेंस गहराता जा रहा है। राजधानी पटना में शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं और 15 अप्रैल को नए चेहरे के ऐलान की संभावना जताई जा रही है। खास बात यह है कि इस बार मुख्यमंत्री की रेस में चार प्रमुख नाम सामने हैं, जिनमें एक महिला उम्मीदवार भी शामिल हैं।
पटना में तेज हुई तैयारियां
राजधानी पटना में सड़कों के किनारे बैरिकेडिंग और सुरक्षा इंतजाम शुरू हो चुके हैं। मजदूरों द्वारा बांस के बैरिकेड लगाए जा रहे हैं, जिससे साफ संकेत मिल रहा है कि कोई बड़ा राजनीतिक कार्यक्रम होने वाला है। प्रशासन भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है।
15 अप्रैल को मिल सकता है नया मुख्यमंत्री
सूत्रों के अनुसार, 15 अप्रैल को बिहार को नया मुख्यमंत्री मिल सकता है। शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां इसी तारीख को ध्यान में रखकर की जा रही हैं। इस कार्यक्रम में नरेंद्र मोदी के शामिल होने की भी संभावना है, जिससे इस आयोजन का महत्व और बढ़ गया है।
पर्यवेक्षक के रूप में शिवराज सिंह चौहान की एंट्री
केंद्रीय नेतृत्व ने इस अहम फैसले के लिए शिवराज सिंह चौहान को पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। उनके पटना दौरे के बाद विधायक दल की बैठक और अंतिम नाम पर मुहर लगने की प्रक्रिया तेज हो सकती है।
CM रेस में ये चार बड़े चेहरे
मुख्यमंत्री पद की दौड़ में सम्राट चौधरी का नाम सबसे आगे माना जा रहा है। वहीं श्रेयसी सिंह को महिला चेहरे के तौर पर देखा जा रहा है। इसके अलावा जनक राम और विजय सिन्हा भी मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं।
बदलेगा सियासी समीकरण
यदि नया चेहरा सामने आता है, तो यह बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव माना जाएगा। लंबे समय तक एक ही नेतृत्व में चुनाव लड़ने के बाद अब नई रणनीति और नए नेतृत्व के साथ सत्ता में संतुलन बनाने की कोशिश दिखाई दे रही है।